डीसी दीपक कुमार दूबे ने शकुंतला सहाय घाट से चानन घाट तक किया निरीक्षण, सुरक्षित घाटों पर होगी बैरिकेडिंग
गोताखोरों और सुरक्षा कर्मियों की होगी तैनाती, साफ-सफाई, रोशनी, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश
साहिबगंज। लोक आस्था के महापर्व छठ को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार को जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ साहिबगंज शहरी क्षेत्र के गंगा घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शकुंतला सहाय घाट से चानन घाट तक लगभग 3 से 4 किलोमीटर के तटीय क्षेत्र का जायजा लेते हुए घाटों की मौजूदा स्थिति, गंगा के जलस्तर और कटाव का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बिजली घाट, शकुंतला सहाय घाट, मुक्तेश्वर घाट, ओझाटोली घाट, मलाही टोला घाट, चानन घाट एवं कबूतर खोपी घाट सहित विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को सभी घाटों का सुरक्षा की दृष्टि से विस्तृत आकलन कर सुरक्षित एवं असुरक्षित घाटों को स्पष्ट रूप से चिह्नित करने का निर्देश दिया।
असुरक्षित घाटों पर प्रतिबंध, सुरक्षित घाटों पर होगी बैरिकेडिंग :

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन घाटों पर गहरा कटाव, खड़ी मिट्टी की दीवार या अन्य खतरनाक स्थिति पाई जाती है, उन्हें छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं के उपयोग एवं आवागमन के लिए प्रतिबंधित किया जाए। वहीं, सुरक्षित घोषित घाटों पर मजबूत एवं पर्याप्त बैरिकेडिंग कराई जाए, ताकि छठव्रती एवं श्रद्धालु गहरे पानी और खतरनाक स्थानों तक नहीं पहुंच सकें।
ओझाटोली घाट की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए उपायुक्त ने कहा कि यहां प्रथम दृष्टया पानी की गहराई अचानक बढ़ती हुई प्रतीत हो रही है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों को बांस के माध्यम से पानी की वास्तविक गहराई मापने और स्थिति का आकलन करने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर घाट को प्रतिबंधित करने अथवा अन्य सुरक्षा उपाय अपनाने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
गोताखोरों की तैनाती के साथ बुनियादी सुविधाएं होंगी दुरुस्त :
उपायुक्त ने घाटों की सीढ़ियों से मिट्टी एवं अन्य अवरोध हटाने, साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही प्रत्येक प्रमुख घाट पर पर्याप्त संख्या में चौकीदार, गोताखोर एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करने को कहा। पुलिस प्रशासन को भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की समुचित तैयारी रखने का निर्देश दिया गया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने जिलेवासियों एवं छठव्रतियों से अपील करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा जिन घाटों को असुरक्षित घोषित किया जाएगा, उनका उपयोग किसी भी परिस्थिति में नहीं करें। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार प्रशासन द्वारा चिह्नित सुरक्षित घाटों पर ही छठ पूजा संपन्न करें तथा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गंगा कटाव और कटावरोधी कार्यों की समीक्षा :
गंगा घाटों के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अब तक हुए गंगा कटाव तथा उससे प्रभावित इलाकों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने पूर्व में कराए गए गंगा कटावरोधी कार्यों की प्रगति और उनकी वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जहां कहीं भी कटावरोधी संरचनाएं क्षतिग्रस्त या कमजोर पाई गईं, उन्हें चिह्नित कर जल्द से जल्द मरम्मत एवं दुरुस्त कराने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गंगा कटाव से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता विजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईन्द, अंचलाधिकारी बासुकीनाथ टुडू, नगर प्रशासक अभिषेक कुमार सिंह सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।



