दरभंगा के पिंडारूच गांव की निकीता रानी पुणे में एक फ्रांसीसी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। अपनी सफलता से गांव और परिवार को गौरवान्वित करते हुए।
केवटी (दरभंगा)। गांव की गलियों से निकलकर बड़े सपने देखने वाली बेटियां जब सफलता की नई कहानी लिखती हैं तो उनकी उपलब्धि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है।
दरभंगा जिले के पिंडारूच गांव की निकीता रानी ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। मध्यवर्गीय परिवार में पली-बढ़ीं निकीता आज पुणे में फ्रांस की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं।
उनकी इस उपलब्धि से परिवार ही नहीं, पूरा गांव गौरवान्वित है। खास बात यह है कि नौकरी के साथ उनका सपना अभी अधूरा है। वह यूपीएससी की तैयारी कर देश की सेवा करना चाहती हैं।
गांव के स्कूल से शुरू हुआ सफर
निकीता रानी की प्रारंभिक शिक्षा पिंडारूच राजकीय मध्य विद्यालय और संस्कृति स्कूल में हुई। सीबीएसई से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने दरभंगा में रहकर आगे की पढ़ाई की। बचपन से ही मेधावी रहीं निकीता ने पढ़ाई के प्रति अपनी लगन बनाए रखी और इंजीनियरिंग में करियर बनाने का लक्ष्य तय किया।
जेईई मेन्स पास कर चंडीगढ़ में की पढ़ाई
निकीता ने जेईई मेन्स की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद चंडीगढ़ विश्वविद्यालय से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही कैंपस सेलेक्शन के माध्यम से उनका चयन फ्रांस की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर हुआ। वर्तमान में वह पुणे में कार्यरत हैं।
नौकरी के साथ यूपीएससी का लक्ष्य
निकीता बताती हैं कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी के साथ वह यूपीएससी की तैयारी भी कर रही हैं। उनका लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा में सफल होकर देश की सेवा करना है। वह अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ इस लक्ष्य को पूरा करने में जुटी हैं।
निकीता से प्रेरित होकर इंजीनियर बनना चाहती हैं छात्राएं
निकीता बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोपगुट) के पूर्व उपाध्यक्ष और ट्रेड यूनियन नेता स्व. रामानंद चौधरी की पौत्री तथा मैथिली फिल्म अभिनेता नवीन चौधरी की पुत्री हैं।
गांव की सातवीं कक्षा की छात्राएं शिवानी कुमारी और सोनाक्षी कुमारी ने बताया कि निकीता दीदी ने बचपन में उन्हें पढ़ाया था। उनसे प्रेरित होकर दोनों इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का संकल्प ले चुकी हैं।
समाजसेवी रंजना चौधरी भी उन्हें आगे बढ़ने में मदद कर रही हैं।मनीषा देवी और सीमा देवी ने कहा कि निकीता जैसी बेटी पर पूरे गांव को गर्व है। उनकी सफलता गांव की दूसरी बेटियों को भी आगे बढ़ने और बड़े सपने देखने की प्रेरणा दे रही है।



