झारखंड में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में नो मैपिंग श्रेणी के 72% से अधिक मामले लंबित हैं. लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी और अन्य श्रेणियों में भी प्रगति धीमी. जानिए क्यों.
SIR. झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत नोटिस की सुनवाई और मामलों के निष्पादन की रफ्तार जिलों में अलग-अलग है. 26 अक्टूबर तक ईआरओ और एईआरओ द्वारा सुनवाई के बाद ECINET पर अपलोड किए गए आंकड़ों के अनुसार, नो मैपिंग श्रेणी के 14.04 लाख मामलों में से महज 27.72% का ही निष्पादन अपडेट हुआ है.
इस श्रेणी में 10.14 लाख से अधिक मामले अभी शेष हैं. वहीं, लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी श्रेणी में 45.49 लाख मामलों में से 20.35 लाख का निष्पादन हुआ है, जबकि 25.13 लाख मामले लंबित हैं. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सोमवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में जिलावार और विधानसभा क्षेत्रवार प्रगति रिपोर्ट साझा की.
नो मैपिंग में रांची 14.37%, कोडरमा सबसे पीछे
नो मैपिंग श्रेणी में लोहरदगा जिले ने 67.92% मामलों के निष्पादन के साथ बेहतर प्रदर्शन किया है. पश्चिमी सिंहभूम 60.12% के साथ दूसरे स्थान पर है. इसके विपरीत कोडरमा में केवल 4.49%, पलामू में 5.28%, गिरिडीह में 11.21%, साहिबगंज में 13.12% और रांची में 14.37% मामलों का ही निष्पादन अपडेट हुआ है. विधानसभा क्षेत्रों में छतरपुर में 1.91%, हुसैनाबाद में 2.26% और पांकी में 2.56% निष्पादन दर्ज किया गया है.
लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी में गोड्डा और रांची की स्थिति कमजोर
लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी श्रेणी में राज्य का औसत निष्पादन 44.75% है. लोहरदगा 98.57% और पश्चिमी सिंहभूम 94.78% के साथ आगे हैं. वहीं, गोड्डा में 19.46%, पाकुड़ में 20.69%, गढ़वा में 23.51% और रांची में 23.81% मामलों का ही निष्पादन हुआ है. विधानसभा क्षेत्रों में गोड्डा में महज 9.21%, रांची में 10.07% और पाकुड़ में 10.12% निष्पादन दर्ज किया गया है.
अन्य श्रेणी में 85.87% निष्पादन
अन्य श्रेणी के 1,61,65,853 मामलों में से 1,38,80,904 मामलों का निष्पादन और ECINET पर अपडेशन हो चुका है. इस श्रेणी में प्रगति 85.87% है, जबकि 22,84,949 मामले शेष हैं. लोहरदगा में 100%, पश्चिमी सिंहभूम में 99.91% और पूर्वी सिंहभूम में 99.19% निष्पादन हुआ है. इसके विपरीत धनबाद में 65.06%, चतरा में 69.47% और साहिबगंज में 70.70% प्रगति दर्ज की गई है. विधानसभा क्षेत्रों में झरिया 42.65% के साथ सबसे पीछे है.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना और सूची को शुद्ध, समावेशी एवं त्रुटिरहित बनाना प्राथमिकता है. इसके लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की गई है.



