राजमहल के पीएम श्री विद्यालय में चावल की अनुपलब्धता के कारण मध्याह्न भोजन दो दिनों तक बंद रहा, जिससे बच्चों के पोषण और उपस्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं.
दो दिनों से मध्याह्न भोजन बंद रहने का मामला आया सामने
राजमहल. केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत संचालित पीएम श्री राजकीयकृत मध्य विद्यालय, नयाबाजार राजमहल में मध्याह्न भोजन बंद रहने का मामला प्रकाश में आया है. विद्यालय की संयोजिका मीना देवी के अनुसार, चावल उपलब्ध नहीं होने के कारण भोजन बंद रहा. वहीं, मंगलवार को भी दोपहर तक विद्यालय के रसोईघर में ताला लटका रहा, जिससे बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
दोपहर 1:35 बजे खुला रसोईघर का ताला
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दोपहर करीब 1:35 बजे रसोईघर का ताला खोला गया. इसके बाद मध्याह्न भोजन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई. विद्यालय परिसर में प्रखंड स्तरीय शिक्षकों की गुरु गोष्ठी भी होनी थी. ऐसे में दोपहर के बाद भोजन बनाने की तैयारी शुरू होने से विद्यालय की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
पदाधिकारियों के आने पर हरकत में आया विद्यालय प्रबंधन
बताया गया कि पदाधिकारियों के मूवमेंट के दौरान विद्यालय प्रशासन हरकत में आया और मध्याह्न भोजन बनाने की तैयारी शुरू की गई. कुछ स्थानीय पदाधिकारियों की ओर से भी इस व्यवस्था पर पर्दा डालने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई है. हालांकि, विद्यालय में चावल की आपूर्ति क्यों नहीं हो सकी, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है.
संयोजिका बोलीं, चावल नहीं रहने से बंद था भोजन
विद्यालय की संयोजिका मीना देवी ने बताया कि चावल उपलब्ध नहीं होने के कारण मध्याह्न भोजन बंद था. मंगलवार को प्रधानाध्यापक ने फोन कर उन्हें विद्यालय बुलाया था. इसके बाद वह रसोइया के साथ करीब 1:30 बजे विद्यालय पहुंचीं. उनके पहुंचने के बाद रसोईघर का ताला खोला गया. करीब 1:35 बजे रसोईघर खुलने की बात सामने आई है.
बच्चों को समय पर भोजन नहीं मिलने पर उठे सवाल
जब विद्यालय में मध्याह्न भोजन का निर्धारित समय है, तो उस समय तक रसोईघर बंद क्यों रहा? चावल की कमी के कारण लगातार कई दिनों तक भोजन व्यवस्था बाधित रहने की स्थिति कैसे बनी? ये सवाल अब विद्यालय प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी पर उठ रहे हैं. हालांकि, भोजन बंद रहने के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
सरकारी योजना का लाभ बच्चों तक पहुंचाना जरूरी
सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ उनकी विद्यालय में उपस्थिति को प्रोत्साहित करना है. ऐसे में भोजन सामग्री की कमी के कारण कई दिनों तक भोजन बंद रहने से बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल पाता है. विद्यालय में चावल की उपलब्धता सुनिश्चित करना और भोजन व्यवस्था नियमित बनाए रखना संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी है.
डीएसई ने कहा, जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस मामले में साहिबगंज की डीएसई उर्मिला हांसदा ने कहा कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन बंद रहने की जानकारी मिली है. मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विद्यालय में चावल की कमी के कारण मध्याह्न भोजन लगातार तीन दिनों तक क्यों बंद रहा और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.



