रांची की 50 साल पुरानी दुर्गा पूजा समिति पारंपरिक पद्धति और सामूहिक सहभागिता को जीवित रखे हुए है. जानें इसकी अनोखी परंपराएं और सांस्कृतिक झलकियां.
रांची के अशोक नगर दुर्गा पूजा समिति की ओर से पिछले 50 वर्षों से शारदीय दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है. दिखावे और भव्यता से दूर समिति आज भी पारंपरिक पूजा पद्धति व सामूहिक सहभागिता की परंपरा को कायम रखे हुए है. दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष मुकेश कुमार व सचिव बिपिन बिहारी मिश्र के अनुसार, वर्ष 1976 में पहली बार मंदिर में पंडाल बनाकर शारदीय दुर्गा पूजा की शुरुआत की गयी थी. पूजा का आयोजन पुरोहित नरोत्तम शास्त्री ने कराया था. कॉलोनीवासियों के आर्थिक सहयोग से दुर्गा मंडप का निर्माण कराया गया और वर्ष 1995 से पूजा का आयोजन इसी दुर्गा मंडप में होने लगा. पूजा के दौरान करीब 15 से 16 लाख रुपये खर्च होते हैं, जो कॉलोनी के लोगों से एकत्र किये जाते हैं. यहां अष्टमी और नवमी को खिचड़ी महाभोग लगाया जाता है.
दो मंदिरों में सात पुरोहित कराते हैं पूजा
नवरात्र के दौरान मां दुर्गा व मां काली मंदिर में दो पुरोहित पूजा- अर्चना कराते हैं, जबकि मंदिर स्थित दुर्गा मंडप में पांच पुरोहित पूजा संपन्न कराते हैं. यहां कॉलोनी के अलावा आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मुख्य मंदिर में माता दुर्गा की प्रतिमा स्थापित है, जिनकी नित्य पूजा मंदिर के पुजारी द्वारा की जाती है. इस स्थापित प्रतिमा का विसर्जन नहीं होता है. शारदोत्सव के लिए पूजित प्रतिमा का विसर्जन विजयादशमी के दिन किया जाता है. यहां आठ फीट ऊंची अस्थायी प्रतिमा स्थापित की जायेगी. पंडाल का उदघाटन संभवत 17 अक्तूबर को होगा.
स्थानीय प्रतिभाओं को भी मिलता है मंच
मंदिर प्रांगण में बनने वाले पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इसमें केवल पेशेवर कलाकारों द्वारा भजन संध्या का आयोजन नहीं किया जाता, बल्कि कॉलोनी में रहने वाले बच्चे, महिलाएं और पुरुष भी उत्साह के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं.
अंतिम चार-पांच दिनों में जुटते हैं लोग
नवरात्र के अंतिम चार-पांच दिनों में कॉलोनी के लोग घर से अधिक मंदिर प्रांगण में नजर आते हैं. पूजा के आयोजन में लोगों की सामूहिक भागीदारी वर्षों से चली आ रही है. यही सामूहिक सहभागिता लोगों के बीच अपनापन और जुड़ाव बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.
ये हैं समिति में पदाधिकारी
अध्यक्ष मुकेश कुमार, उपाध्यक्ष प्रेमजीत आनंद, सचिवबिपिन बिहारी मिश्र, संयुक्त सचिव प्रवीण नंदन सहाय, कोषाध्यक्ष मनोरंजन कुंवर, कार्यकारिणी सदस्य अजय कुमार पांडेय, राजीव रंजन, संजय शरण, डॉ शिप्रा शरण, डॉ अभिषेक वर्मा



