सीसीएल पिपरवार क्षेत्र में जलावन के लिए कोयला ले जा रही बिलारी गांव की महिलाओं ने सीआईएसएफ जवान पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। इस घटना के बाद महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे स्थानीय लोगों और सुरक्षा व्यवस्था के संबंधों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पिपरवार। सीसीएल पिपरवार क्षेत्र स्थित सीएचपी /सीपीपी परियोजना से प्रभावित विस्थापित विलारी की महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला गुरुवार को प्रकाश में आया। सीएचपी / सीपीपी परियोजना से जलावन के लिए कोयला लेकर जा रही महिलाओं के साथ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक कर्मी द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने जमकर विरोध जताया। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल देखा गया।
मिली जानकारी के अनुसार, विलारी की महिलाएं सीएचपी-सीपीपी परियोजना क्षेत्र से जलावन के लिए कोयला लेकर जा रही थी। इसी दौरान सीआईएसएफ कर्मी द्वारा उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किए जाने की बात सामने आई। इससे नाराज महिलाएं एकजुट हो गईं और संबंधित कर्मी के व्यवहार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान दर्जनों महिलाएं मौजूद रहीं।सुरक्षा व्यवस्था के बीच संबंधों को लेकर सवाल
महिलाओं का आक्रोश इस बात को लेकर था कि जलावन के लिए कोयला ले जाने के दौरान उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। घटना ने परियोजना से प्रभावित स्थानीय लोगों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संबंधों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, मामले में सीआईएसएफ के अधिकारी ने बताया कि हम लोगों के ड्यूटी के दौरान सीएचपी से प्रतिदिन बिलारी गांव की महिलाओं द्वारा कोयला ले जाया जाता है जिसे रोके जाने पर उक्त गांव की महिलाओं ने जबरन कोयला ले जाने पर अड़े रहे।
अब देखना होगा कि सीसीएल प्रबंधन और सीआईएसएफ के अधिकारी मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और महिलाओं की शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं।



