पति ने तीसरी शादी की चाहत में अपनी गर्भवती दूसरी पत्नी को रांची की राढ़ू नदी में धक्का दे दिया। चमत्कारिक रूप से महिला एक टापू पर बच गई, जिसे ग्रामीणों ने बचाया; पति के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज।
अनगड़ा (रांची)। राजधानी रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक खौफनाक मामला प्रकाश में आया है। तीसरी शादी करने की लालसा में एक पति ने अपनी तीन माह की गर्भवती दूसरी पत्नी को मौत के मुंह में धकेलने की कोशिश की। आरोपी पति ने सुहावने मौसम का झांसा देकर पत्नी को घुमाने के बहाने पैका जोड़ा पुल पर ले गया और सुनियोजित तरीके से उसे राढ़ू नदी की तेज धारा में नीचे धकेल दिया।
गनीमत यह रही कि मौत के मुहाने पर खड़ी महिला पानी के तेज बहाव के बीच एक टापू पर जा फंसी और चमत्कारिक रूप से उसकी जान बच गई। ठंड से कांपती और दहशत के साए में वह महिला रातभर खुले आसमान के नीचे टापू पर फंसी रही।
सुबह ग्रामीणों की सतर्कता से उसका रेस्क्यू किया गया। इस संबंध में पीड़िता के पिता के बयान पर अनगड़ा थाने में आरोपी पति के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
घूमने के बहाने रची गई खौफनाक साजिश: पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, बुंडू थाना क्षेत्र के रेलाडीह (खुदुमधुकम) निवासी मिथुनजय महतो ने राहे थाना क्षेत्र के पुरनाडीह निवासी फूरेन्दर महतो की 22 वर्षीय पुत्री लखीमनी कुमारी से इसी साल मई माह में विवाह किया था। लखीमनी उसकी दूसरी पत्नी थी, क्योंकि उसकी पहली पत्नी उसके खराब चरित्र से तंग आकर उसे पहले ही छोड़ चुकी थी।सूत्रों व परिजनों के मुताबिक, मिथुनजय का किसी अन्य युवती के साथ प्रेम-संबंध चल रहा था और वह तीसरी शादी रचाना चाहता था। अपने रास्ते की कांटा बनी दूसरी पत्नी लखीमनी को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने के लिए उसने खौफनाक षडयंत्र रचा।
शनिवार को उसने तीन माह की गर्भवती पत्नी को मौसम का हवाला देकर हुंडरूफाल, जोन्हाफाल और सीताफाल घुमाया। इस दौरान वह लगातार ऐसे सुनसान स्थान की तलाश में था जहाँ मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दिया जा सके।
पुल से दिया धक्का, रातभर टापू पर कटी जिंदगी
शनिवार की रात करीब साढ़े आठ बजे जब दंपत्ति राहे-हाहे मार्ग से लौट रहा था, तभी पैका जोड़ा पुल के पास आरोपी पति ने पेट दर्द का बहाना बनाकर मोटरसाइकिल रोकी। लखीमनी जैसे ही पुल के किनारे पानी की तेज धारा देखने लगी, मौका पाकर क्रूर पति ने उसे पीछे से धक्का देकर नीचे राढ़ू नदी में गिरा दिया और मौके से फरार हो गया।
नदी में पानी का तेज बहाव और आसपास रिहाइश न होने के कारण रातभर लखीमनी की चीख-पुकार किसी तक नहीं पहुंच पाई। वह पानी के बीच एक टापू पर अटकी रही और ठंड से कांपते-कांपते सुबह तक बेहोश हो गई।
मसीहा बने ग्रामीण, सुरक्षित घर लौटी पीड़िता
रविवार की सुबह जब पैका पंचायत के ग्रामीण मॉर्निंग वॉक के लिए निकले, तो उनकी नजर टापू पर पड़ी बेसुध महिला पर गई। साहसी स्थानीय युवक दीपक महतो ने नदी में उतरकर लखीमनी का सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद ग्रामीण मंगरू महली ने आग जलाकर उसे गर्मी पहुंचाई, जयनाथ महली ने उसे सूखा कपड़ा पहनाया और नाश्ता कराया।
समाजसेवी प्रदीप महतो की सूचना पर पीड़िता के पिता फूरेन्दर महतो अपने परिवार के साथ मौके पर पहुंचे और बेटी को अपने साथ सुरक्षित घर ले आए। इसके बाद अनगड़ा थाने में इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई। पिता फूरेन्दर महतो ने कहा कि यह ईश्वर का ही चमत्कार था कि उनकी बेटी और पेट में पल रहा मासूम सुरक्षित बच गए।
पुलिस का बयान
अनगड़ा थाना प्रभारी गौतम कुमार रजवार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से छानबीन कर रही है। पीड़िता के परिजनों द्वारा आवेदन मिल चुका है। आरोपी पति की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है, जिसके पकड़े जाने के बाद ही इस आपराधिक षडयंत्र की पूरी सच्चाई सामने आएगी।



