साहिबगंज। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के जिरवाबाड़ी सेवा केंद्र में आयोजित दो दिवसीय रक्षाबंधन कार्यक्रम का गुरुवार को समापन हुआ। कार्यक्रम के अंतिम दिन शहर के प्रमुख एवं गणमान्य लोगों के लिए विशेष रक्षाबंधन समारोह आयोजित किया गया। इसमें संस्था से जुड़े भाई-बहनों ने उमंग और उत्साह के साथ आध्यात्मिक वातावरण में पर्व मनाया।
कार्यक्रम में कोलकाता बारानगर सेवा केंद्र की प्रभारी एवं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी किरण दीदी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का वास्तविक अर्थ है—‘रक्षा के लिए बंधन।’ मनुष्य को अपनी आसुरी प्रवृत्तियों से रक्षा के लिए मर्यादाओं के बंधन में बंधना चाहिए। यही बंधन वास्तव में व्यक्ति को नकारात्मक शक्तियों से मुक्त कर स्वतंत्रता की ओर ले जाता है।
आत्मिक स्मृति का तिलक लगाकर बांधी राखी
साहिबगंज सेवा केंद्र की प्रभारी बिंदु दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व पूरे विश्व को एकता के सूत्र में बांधने की शक्ति रखता है। उन्होंने कहा कि राखी का धागा छोटा जरूर है, लेकिन इसका संदेश बेहद शक्तिशाली है।
समारोह में चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, बार एसोसिएशन के सचिव विजय कर्ण, वरिष्ठ अधिवक्ता सूर्यनारायण यादव, माखन लाल यादव, सेवानिवृत्त शिक्षक सच्चिदानंद मिश्रा, नीतिश कुमार, खुशबू भगत, डॉ. पूनम, डॉ. अजय कुमार, राजेश सिंह, डॉ. श्रीजा कृष्णा, डॉ. आरसी पंडित, चिकित्सा विभाग के चिकित्सक एवं नर्स, वार्ड पार्षद अमित गुप्ता, विजय पासवान, प्रदीप तांती, गुड्डू, शिक्षा विभाग के प्रधानाध्यापक, सेवानिवृत्त इंजीनियर रतन सिन्हा सहित कई शिक्षक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
ब्रह्माकुमारी बहनों ने अतिथियों को आत्मिक स्मृति का तिलक लगाकर परमात्मा की स्मृति चिन्ह वाली राखी बांधी। कार्यक्रम के अंत में केंद्र की उप-संचालिका नीतू दीदी ने सभी अतिथियों को मेडिटेशन कराया।



