झारखंड के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को डहर पोर्टल के माध्यम से हाउसहोल्ड सर्वे कर शिशु पंजी अपडेट करने और बच्चों के नामांकन व ड्रॉपआउट की निगरानी का जिम्मा सौंपा जाएगा। यह कार्य पूरे वर्ष चलेगा, जिसमें प्रत्येक माह के अंतिम सप्ताह में शिक्षक अपने पोषक क्षेत्र के 3 से 18 आयु वर्ग के बच्चों की निगरानी करेंगे।
रांची। राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को विद्यालय के पोषित क्षेत्रों के खास टोले की जिम्मेदारी दी जाएगी। शिक्षक की यह भी जिम्मेदारी होगी कि उसके साथ टैग किए गए टोलों के सभी परिवार के बच्चे विद्यालय में नामांकित हों। इस कार्य की निगरानी उक्त शिक्षक पूरे वर्ष करेगें और सुनिश्चित करेगें कि उक्त बच्चा अगले वित्तीय वर्ष में अगले कक्षा में नामांकित हो जाए।
इसके तहत उक्त शिक्षक प्रत्येक माह के अंतिम सप्ताह में निगरानी करेगें कि उसके पोषक क्षेत्र के सभी तीन से 18 आयु वर्ग के बच्चे विद्यालय में नामांकित हैं। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने इस वर्ष भी डहर पोर्टल के माध्यम से हाउसहोल्ड सर्वे कराने का निर्णय लिया है, जिसे लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है।सर्वे के माध्यम से विद्यालयों की शिशु पंजी को अपडेट भी किया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन द्वारा जारी सभी डीईओ, डीएसई को जारी दिशा-निर्देश के अनुसार, वर्तमान वित्तीय वर्ष में शिशु पंजी अद्यतीकरण का कार्य प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक कक्षा वाले सभी सरकारी विद्यालयों के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा किया जाएगा।इसके लिए सभी सरकारी विद्यालयों को शिशु पंजी अद्यतीकरण करने के लिए विद्यालय के समीपवर्ती टोला गांवों से संबद्ध (टैग) करना सुनिश्चित करेंगे। शिशु पंजी अपडेट करने के लिए हैबिटेशन मैपिंग करने की जिम्मेदारी प्रखंड के बीईईओ, अवर विद्यालय निरीक्षक एवं आउट आफ स्कूल प्रभारी, बीपीओ एवं बीआरपी व सीआरपी की होगी।
सर्वप्रथम, संबंधित प्रखंड पदाधिकारियों की देखरेख में प्रखंड के विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों शिक्षकों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए विद्यालयवार गांव, टोला को 25 अक्टूबर तक टैग किया जाएगा। डहर पोर्टल में हैबिटेशन मैपिंग होने के बाद प्रधानाध्यापक द्वारा अपने विद्यालय के सभी सरकारी शिक्षकों, पारा शिक्षकों को गांव, टोला के घरों के साथ संबद्ध (टैग) किया जाएगा।
हाउसहोल्ड सर्वे की जिम्मेदारी उनकी होगी। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अपने निकटवर्ती गैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक वाले विद्यालय के शिक्षक/शिक्षिकाओं से सर्वे करने में मदद ले सकेंगे।
सर्वे के लिए विद्यालय प्रबंध समिति एवं माता समिति के सदस्यों को भी टोला के परिवारों के साथ टैग किया जाएगा जो सर्वे कार्य में संबंधित शिक्षकों को सहायता प्रदान करेंगे। शिशु पंजी अपडेट शुरू करने की संभावित तिथि 10 नवंबर निर्धारित की गई है।



