सकरीगली-महाराजपुर के बीच झंझरी पुल के पास कटाव थमा, 700 से अधिक कर्मियों ने तीन शिफ्टों में संभाला मोर्चा
साहिबगंज। मालदा रेल मंडल के साहिबगंज-बड़हरवा रेलखंड पर सकरीगली एवं महाराजपुर स्टेशनों के बीच झुंझरी पुल के समीप पोल संख्या 219/32 के पास गंगा कटाव से प्रभावित डाउन लाइन पर आठ दिनों तक चले युद्धस्तरीय अभियान के बाद मंगलवार, 6 अक्टूबर से रेल परिचालन बहाल कर दिया गया। आवश्यक पुनर्बहाली कार्य और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद प्रभावित लाइन पर पहली ट्रेन संख्या 03428 साहिबगंज-हावड़ा पैसेंजर स्पेशल चलाई गई। निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सामान्य रेल सेवाएं 7 अक्टूबर से बहाल होने की जानकारी रेलवे ने दी है।
कटाव के दौरान गंगा की धार रेल ट्रैक के करीब पहुंच गई थी। इसके बाद रेलवे ने एहतियातन डाउन लाइन पर परिचालन रोककर चौबीसों घंटे बचाव एवं पुनर्बहाली कार्य शुरू किया था। अभियान के दौरान तीन शिफ्टों में 700 से अधिक ट्रैकमैन, मजदूर एवं सहयोगी कर्मियों ने मोर्चा संभाला। रेलवे के अनुसार करीब 800 कर्मचारी, संविदाकर्मी, पर्यवेक्षक और अधिकारी अभियान में शामिल रहे।
2,287 स्लीपर और 2,107 बोल्डर क्रेट लगाए :

6 अक्टूबर सुबह तक 187 पूर्ण और 25 आंशिक BCN रैक में बोल्डर पहुंचाए गए। इसके अलावा 2,287 स्लीपर, 2,107 बोल्डर क्रेट और 166 पोरक्यूपाइन लगाए गए। कार्य में एक जेसीबी, दो पोकलेन और एक हाइड्रा मशीन का इस्तेमाल किया गया। छह सुपरवाइजरों की तैनाती भी रही। पोरक्यूपाइन से जलधारा की गति कम करने और तलछट के जमाव को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया, जबकि गेबियन बॉक्स व बोल्डर क्रेट से संवेदनशील हिस्सों को मजबूत किया गया।
मौके पर मौजूद रहे कई विभागों के अधिकारी :
पूरे अभियान की निगरानी डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में हुई। मौके पर एडीआरएम अमरेंद्र कुमार मौर्य, हावड़ा के चीफ इंजीनियर अभिजीत रॉय, डीईएन विद्युत मंडल, एईएन वेदव्यास शरण और आईओडब्ल्यू समेत इंजीनियरिंग, विद्युत, यांत्रिक एवं परिचालन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए बदला गया परिचालन :

कटाव के दौरान कई पैसेंजर एवं इंटरसिटी ट्रेनों को रद्द किया गया था, जबकि कुछ ट्रेनों का मार्ग बदला गया। रेलवे ने नियंत्रित गति एवं अन्य परिचालन व्यवस्थाओं के जरिए यात्रियों की परेशानी कम करने का प्रयास किया। रेलवे के अनुसार गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे से स्थिर है। ट्रैक की सुरक्षा को देखते हुए निगरानी और कटावरोधी कार्य आगे भी जारी रहेगा।



