हरि प्रसाद दियारा के दर्जनों पशुपालक खाली हाथ लौटे, कम चारा मिलने का भी आरोप
साहिबगंज। जिले में गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण दियारा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। खेत-खलिहान पानी में डूब जाने से पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। पशुपालकों को राहत देने के लिए उपायुक्त दीपक कुमार दुबे के निर्देश पर प्रशासन की ओर से चारा उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन वितरण व्यवस्था को लेकर अब पशुपालकों ने पशुपालन विभाग पर मनमानी का आरोप लगाया है।
सोमवार को सदर प्रखंड क्षेत्र के हरि प्रसाद दियारा से दर्जनों की संख्या में पशुपालक चारा लेने पहुंचे। इनमें दिलीप कुमार यादव, ऋषि यादव, ललन यादव, गुड्डू यादव और रामाशीष यादव समेत कई लोग शामिल थे। पशुपालकों ने बताया कि इनमें कुछ लोगों को करीब एक सप्ताह पूर्व चारा उपलब्ध कराया गया था। दोबारा चारा लेने पहुंचे तो उन्हें चारा नहीं मिला और खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
30 किलो की जगह 25 किलो चारा मिलने का आरोप:

वहीं, कुछ अन्य पशुपालकों को चारा उपलब्ध कराया गया। उनका आरोप है कि 30 किलो के पैकेट की जगह करीब 25 किलो ही चारा दिया गया। इसे लेकर पशुपालकों ने नाराजगी जताते हुए वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि बाढ़ के कारण स्थानीय स्तर पर चारे की व्यवस्था संभव नहीं है, ऐसे में सरकारी चारे का सही मात्रा में और नियमित वितरण जरूरी है।
मौके पर पशुपालन विभाग के कुछ कर्मी भी मौजूद थे। कर्मियों ने बताया कि सोमवार को करीब 27 पैकेट चारे का वितरण किया गया है। हालांकि, उस समय वितरण की सूची उनके पास उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने बताया कि सूची कार्यालय पहुंच गई है तथा जिन लोगों को चारा नहीं मिल पाया है, उन्हें अगले दिन चारा उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, 30 किलो की जगह कम चारा मिलने की शिकायत पर कर्मियों ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी और बाद में मौके से चले गए।
पशुपालकों ने उपायुक्त से मामले की जांच कराने तथा चारा वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बाढ़ की इस कठिन परिस्थिति में सभी जरूरतमंद पशुपालकों को समय पर पर्याप्त चारा मिल सके।



