ओडिशा के नवनियुक्त राज्यपाल ब्रजमोहन राम ने भाजपा के लिए काम करने संबंधी वायरल बयान का खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यपाल का पद संवैधानिक होता है और वे सभी दलों के लिए समान हैं, उनकी प्राथमिकता सबके विकास के लिए काम करना है।
रांची। ओडिशा के नवनियुक्त राज्यपाल ब्रजमोहन राम ने अपने उस बयान का खंडन किया है, जिसमें भाजपा के लिए काम करने की बात कही गई थी। गुरुवार को रांची में ब्रजमोहन राम ने कहा कि राज्यपाल का पद संवैधानिक दायरे में होता है। सभी पार्टी उनके लिए समान हैं।
उन्होंने कभी भाजपा के लिए काम करने की बात नहीं कही है। अपने दायित्वों के साथ सबके विकास के लिए काम करना उनकी प्राथमिकता होगी। पिछले दिनों एक समाचार माध्यम से बात करते हुए ब्रजमोहन राम का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें ओडिशा में भाजपा के लिए वोट जोड़ने की बात कही गई थी। बीजद, कांग्रेस, झामुमो ने उनके इस बयान पर आपत्ति की थी। पलामू के पूर्व सांसद रहे ब्रजमोहन राम झारखंड के प्रमुख दलित नेता रहे हैं। भाजपा अनुसूचित जाति के प्रभारी रहे ब्रजमोहन राम ने कहा कि राज्यपाल के तौर पर उनके मनोनयन के साथ ही अब किसी राजनीतिक दल से उनकी संबद्धता नहीं रही है। वो अब सभी पार्टियों और समाज के प्रति समान भाव से सेवा का काम करेंगे।
झामुमो को भाजपा की सलाह, पूरा बयान सुनें
ब्रजमोहन राम के पहले वाले बयान पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने संवैधानिक संस्थाओं को हाइजैक करने का आरोप लगाया। इसपर पलटवार करते हुए भाजपा ने इंटरनेट मीडिया एक्स पर लिखा कि परिवारवादी पार्टी को संवैधानिक संस्थाओं की बात करना शोभा नहीं देता है। ब्रजमोहन राम के बयान को काटकर सुनने की जगह झामुमो को पूरी बात सुननी चाहिए। वह गरीबों के लिए और ओडिशा की जनता के लिए काम करेंगे।



