रांची के मोरहाबादी वेंडर मार्केट के दुकानदारों ने नगर निगम पर अवैध वसूली और सुविधाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है। दुकानदारों की मुख्य मांगों में मूलभूत सुविधाओं की कमी, बिजली की समस्या और किराए में वृद्धि का विरोध शामिल है।
रांची। रांची के मोरहाबादी वेंडर मार्केट के दुकानदारों ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सोमवार को 24 घंटे बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है। रविवार को मार्केट में हुई दुकानदार संघ की बैठक के बाद संघ के अध्यक्ष डॉ. रौशन कुमार साहू ने बंद की घोषणा की। दुकानदारों का कहना है कि नगर निगम के कर्मचारियों और गार्ड द्वारा अवैध रूप से पैसे की मांग की जाती है।
राशि नहीं देने पर दुकानदारों को नोटिस जारी किए जाने का आरोप लगाया गया है। वहीं दुकानदारों ने मार्केट में मूलभूत सुविधाओं की कमी का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि कचरा फेंकने के लिए अब तक उचित कूड़ेदान की व्यवस्था नहीं की गई है।पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं है और शौचालय की नियमित सफाई नहीं होती। शौचालय से निकलने वाली बदबू से दुकानदार और ग्राहक परेशान हैं। बार-बार मांग के बावजूद बड़ा सेफ्टी टैंक नहीं बनाया गया है, जिससे टैंक बार-बार भर जाता है।बिजली और किराये का भी विरोध
संघ ने मार्केट में रोजाना बिजली की समस्या, खराब स्ट्रीट लाइट और कमजोर वायरिंग का मुद्दा उठाया। दुकानदारों ने पूरे मार्केट में मजबूत बिजली वायरिंग कर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही मासिक किराया 500 रुपये से बढ़ाने का विरोध किया गया है।
15 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन
दुकानदारों ने बर्तन धोने के लिए अलग स्थान बनाने, फूड मार्केट की तर्ज पर बैठकर खाने के लिए शेड और बेंच लगाने, दिन में अतिरिक्त महिला गार्ड और रात में अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति की मांग की है। सिगरेट बेचने के नाम पर भयादोहन और बिना जब्ती सूची के सामान जब्त करने का भी आरोप लगाया गया है। एफ-1 से एफ-52 तक दुकानदारों को कम जगह में दुकानें दिए जाने पर भी नाराजगी जताई गई।
अध्यक्ष डॉ. रौशन कुमार साहू ने कहा कि दुकान आवंटन के बाद निगम का रवैया मार्केट के प्रति उदासीन रहा है। दुकानदार अपने अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए दुकानें बंद कर आंदोलन करेंगे। बैठक में महेश साहू, राजेश कपूर, लक्ष्मी साहू, प्रथम महतो, दीपक कुमार, प्रताप सिंह, सुमित चटर्जी आदि उपस्थित थे।



