प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में AI और स्मार्ट निगरानी का समावेश. जानिए कैसे बदलेंगी सड़कें और DPR की तैयारी.
रांची. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाइ) के क्रियान्वयन में आने वाले समय में कई अहम बदलाव किए जाएंगे. योजना तैयार करने से लेकर सड़कों के निर्माण और उनके रखरखाव तक की पुरानी प्रक्रियाओं में बदलाव की तैयारी है. नयी व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), स्मार्ट निगरानी और आधुनिक तकनीक पर खास जोर दिया जाएगा. इसे लेकर दिल्ली में आयोजित पीएमजीएसवाइ चिंतन शिविर में विस्तार से चर्चा हुई.
AI से होगी सड़क निर्माण की योजना की जांच
पीएमजीएसवाइ के तहत सड़क निर्माण की योजनाओं को ज़्यादा असरदार और पारदर्शी बनाने के लिए आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की जांच कराई जाएगी. इससे योजना तैयार करने की प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा. चिंतन शिविर में इस तकनीकी बदलाव को लेकर अधिकारियों को जानकारी दी गई.
GPS और जियो टैगिंग से होगी सड़कों की निगरानी
योजनाओं के रखरखाव और निगरानी के लिए जीपीएस-वीटीएस (GPS-VTS) और जियो टैगिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. स्मार्ट निगरानी व्यवस्था के ज़रिए सड़क परियोजनाओं के रखरखाव को बेहतर बनाने पर ज़ोर दिया गया है. इससे योजनाओं की निगरानी में तकनीक की भूमिका बढ़ने की उम्मीद है.
पीएमजीएसवाइ-4 की शुरुआत की तैयारी
झारखंड में अब पीएमजीएसवाइ-4 शुरू होने जा रहा है. ऐसे में योजना के क्रियान्वयन में प्रस्तावित बदलाव अहम माने जा रहे हैं. दिल्ली में आयोजित चिंतन शिविर में राज्य के ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव, अभियंता प्रमुख, मुख्य अभियंता सहित पूरी टीम शामिल हुई और नयी व्यवस्था से अवगत हुई.
जलवायु और आपदा रोधी सड़कें बनाने पर जोर
चिंतन शिविर में केंद्रीय अधिकारियों ने जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के असर को ध्यान में रखते हुए सड़कें बनाने पर जोर दिया. सड़क निर्माण में ऐसी तकनीकों और व्यवस्थाओं को अपनाने की ज़रूरत बताई गई, जिससे सड़कें खराब मौसमी हालात और आपदाओं का सामना कर सकें. पीएमजीएसवाइ के क्रियान्वयन में तकनीकी सुधार के साथ सड़क निर्माण की क्वालिटी और रखरखाव को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा.



