जयपुर से मंगाई गई संगमरमर की अष्टभुजी मां दुर्गा की प्रतिमा, प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर कमेटी के सदस्यों में उत्साह का माहौल
साहिबगंज। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन साहिबगंज में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। शहर के झरना कॉलोनी स्थित दुर्गा मंदिर में पूजा समिति की ओर से 1101 कलशों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें महिलाएं, युवतियां और बच्चियां एक समान परिधान में सिर पर कलश लेकर शामिल हुईं। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु सनातन परंपरा और धार्मिक आस्था के रंग में रंगे नजर आए।
कलश यात्रा मंदिर परिसर से निकलकर मुख्य मार्गों से होते हुए मुक्तेश्वरधाम बिजली सीढ़ी गंगा घाट पहुंची। यहां पुरोहित रंजय शास्त्री के मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने गंगाजल भरा और कतारबद्ध होकर मंदिर के लिए रवाना हुए। यात्रा बायसी मंदिर, एसडीओ कोठी और पूर्वी रेलवे फाटक होते हुए झरना कॉलोनी दुर्गा मंदिर परिसर पहुंची।
कलश स्थापना के साथ शुरू हुआ सतचंडी महायज्ञ

दुर्गा पूजा समिति के महासचिव प्रेमलाल मंडल उर्फ मंडा मंडल ने बताया कि कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय सतचंडी महायज्ञ शुरू किया गया है। इसमें निर्धारित विधि-विधान के अनुसार लगातार चंडी पाठ और हवनात्मक अनुष्ठान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शोभायात्रा में गंगाजल लेकर पहुंचीं महिलाओं के जल से मां दुर्गा का जलाधिवास, अन्नाधिवास और फलाधिवास सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाएंगे। इस बार झरना कॉलोनी दुर्गा पूजा समिति ने मिट्टी की प्रतिमा के स्थान पर राजस्थान के जयपुर से मंगाई गई संगमरमर की अष्टभुजी मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की है। करीब 15 लाख रुपये की इस प्रतिमा की स्थायी स्थापना को लेकर प्राण-प्रतिष्ठा सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान पूरे विधि-विधान से संपन्न कराने की तैयारी की गई है। समिति का उद्देश्य हर वर्ष विसर्जन के दौरान मां को विदाई देने की भावुक परंपरा से अलग स्थायी प्रतिमा स्थापित कर नियमित पूजा-अर्चना जारी रखना है।
14 अक्टूबर को नगर भ्रमण करेंगी मां दुर्गा
पुरोहित रंजय शास्त्री ने बताया कि मंडप में पंचांग पूजा के बाद कलश स्थापना कर सतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। नौ दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान जारी रहेंगे। पूजा समिति की ओर से 14 अक्टूबर को मां दुर्गा की प्रतिमा का नगर भ्रमण कराया जाएगा। इसके लिए पश्चिम बंगाल के नदिया से 80 सदस्यीय महिला-पुरुष ढाक दल पहुंचेगा। समिति के अनुसार, दल 13 अक्टूबर की रात साहिबगंज पहुंचेगा और 14 अक्टूबर से ढाक की धुन के बीच नगर भ्रमण में शामिल होगा।



