रेलवे ने स्टेशनों और ट्रेनों में गंदगी फैलाने पर लगने वाले जुर्माने की राशि में संशोधन किया है। अब यात्रियों को 100-500 रुपये की बजाय 2000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
रांची। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते समय या सफर के दौरान गंदगी फैलाना अब यात्रियों की जेब पर भारी पड़ सकता है। रेलवे ने स्टेशन परिसर में स्वच्छता प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर जुर्माने के प्रावधान में संशोधन किया है।
पहले गंदगी फैलाने पर 100 से 500 रुपये तक जुर्माना लगाया जाता था, लेकिन अब संशोधित व्यवस्था के तहत यह राशि दो हजार रुपये तक हो सकती है। ऐसे में यात्रियों को स्टेशन और ट्रेन में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा। रेलवे बोर्ड ने नए नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं।
यात्रियों को इन बातों का रखना होगा ध्यान
स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने के लिए पहुंचने वाले यात्रियों से लेकर लंबी दूरी की यात्रा करने वालों तक, सभी को स्वच्छता के नियमों का पालन करना होगा। प्लेटफॉर्म पर कचरा फेंकना, यात्री परिसर को गंदा करना या ट्रेन के भीतर गंदगी फैलाने जैसी गतिविधियों से बचना होगा। रेलवे का उद्देश्य जुर्माने के माध्यम से यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है, ताकि स्टेशन और ट्रेनों का वातावरण साफ-सुथरा बना रहे।
2012 के नियमों में किया गया संशोधन
रेल मंत्रालय ने भारतीय रेल (रेल परिसर में स्वच्छता को प्रभावित करने वाले क्रियाकलापों हेतु शास्तियां) नियम, 2012 में संशोधन किया है। इसके लिए रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 60 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल किया गया है। संशोधन से संबंधित अधिसूचना 25 अगस्त 2026 को जारी की गई है।
स्टेशन से लेकर ट्रेन तक होगा प्रचार
रेलवे बोर्ड ने 18 सितंबर 2026 को जारी वाणिज्य परिपत्र के माध्यम से क्षेत्रीय रेलों को संशोधित नियमों का प्रचार करने का निर्देश दिया है। इसके तहत रेलवे स्टेशनों पर पोस्टर लगाए जाएंगे और यात्री डिब्बों में भी सूचनाएं चिपकाई जाएंगी। जन उद्घोषणा के साथ रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से यात्रियों को जागरूक किया जाएगा।
जुर्माने की राशि का रखा जाएगा हिसाब
रेलवे बोर्ड ने क्षेत्रीय रेलों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रक्रिया निर्धारित करने और इसके लिए अधिकारियों को नामित करने को कहा है। वसूले गए जुर्माने की राशि का संबंधित मदों में लेखा-जोखा रखा जाएगा। मुख्य वाणिज्य प्रबंधक को जुर्माने का विवरण एमसीडीओ में दर्शाते हुए रेलवे बोर्ड को सूचित करने का निर्देश दिया गया है।



