रजरप्पा मां छिन्नमस्तिका मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास पर झारखंड हाईकोर्ट ने अहम सुनवाई की. पर्यटन सचिव को अगली सुनवाई में तलब किया गया है, जिससे मंदिर विकास में तेजी आ सके.
Rajrappa Maa Chhinnamastika Temple: झारखंड हाइकोर्ट ने रामगढ़ के रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और बुनियादी सुविधाओं के विकास से जुड़े अवमानना मामले में सोमवार को सुनवाई की. कोर्ट ने राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद पर्यटन विभाग के सचिव को अगली सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता जय प्रकाश ने पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि महाधिवक्ता किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सके. कोर्ट ने पिछली सुनवाई के आदेश के आलोक में सरकार से प्राप्त निर्देश की जानकारी मांगी, तो अपर महाधिवक्ता ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई निर्देश नहीं मिला है.
आदेशों के अनुपालन की मांग को लेकर अवमानना याचिका
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा. प्राथर्थी संजीव कुमार सिंह ने अवमानना याचिका दायर कर जनहित याचिका में पारित आदेशों का अनुपालन कराने की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि मंदिर परिसर में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के पूर्व के आदेशों का अपेक्षित अनुपालन नहीं हुआ है.
मंदिर विकास के लिए केंद्र की प्रसाद योजना से मदद पर विचार
पिछली सुनवाई में महाधिवक्ता ने सरकार से मंदिर परिसर के विकास के संबंध में निर्देश लेने के लिए समय मांगा था. कोर्ट ने कहा था कि पहले सरकार ने राज्य संसाधनों से राशि की व्यवस्था करने की बात कही थी और डीपीआर तैयार करने के लिए परामर्शी नियुक्त किया गया था. अब सरकार केंद्र की प्रसाद योजना से वित्तीय सहायता लेने पर विचार कर रही है.



