धनबाद. बसुरिया-गोंदूडीह खास कुसुंडा कोलियरी स्थित गोंदूडीह कांटा के समीप डिपो में कोयले की मांग को लेकर रविवार को असंगठित लोडिंग मजदूरों ने प्रदर्शन किया. मजदूरों ने कांटा बंद कराने के साथ कोयले का डिस्पैच भी रोक दिया. इससे कोलियरी का कामकाज करीब तीन घंटे तक प्रभावित रहा. हालांकि एसटीजी आउटसोर्सिंग कंपनी का काम इस दौरान सामान्य रूप से चलता रहा.
कोयला उत्पादन शुरू होने के बाद जगी थी उम्मीद
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने बताया कि नयी आउटसोर्सिंग कंपनी एसटीजी को काम शुरू किये करीब दो महीने हो चुके हैं. शुरुआती दौर में कंपनी ओवरबर्डन (ओबी) हटाने का काम कर रही थी. इसलिए मजदूरों ने इंतजार किया. कुछ दिनों पूर्व कंपनी ने कोयला उत्पादन शुरू किया, तो मजदूरों को उम्मीद थी कि डिपो में भी कोयला उपलब्ध कराया जायेगा.
मजदूरों के अनुसार स्थानीय बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से भी डिपो में कोयला उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था. इसके बावजूद डिपो में कोयला नहीं गिराया गया. इससे नाराज मजदूरों ने रविवार को कांटा और डिस्पैच रोककर प्रदर्शन शुरू कर दिया.
बातचीत के बाद शुरू हुआ डिस्पैच
दोपहर करीब दो बजे पूर्व मुखिया सह लोडिंग कमेटी प्रतिनिधि ब्रह्मदेव यादव, शिवकुमार यादव और शीतल यादव मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शन कर रहे मजदूरों से बातचीत कर उन्हें समझाया. इसके बाद मजदूर शांत हुए और कांटा चालू कराया गया. इसके साथ ही कोयले का डिस्पैच भी शुरू हो गया.
ब्रह्मदेव यादव ने बताया कि एसटीजी कंपनी के निदेशक गुरुपाल सिंह से बातचीत हुई है. उन्होंने एक-दो दिनों के भीतर असंगठित लोडिंग मजदूरों के लिए डिपो में कोयला उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है. आश्वासन के बाद मजदूरों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया.
बड़ी संख्या में मजदूर रहे मौजूद
प्रदर्शन में वासुदेव यादव, रावण निषाद, रामाशीष चौहान, जगदीश चौहान, द्वारिका राय, बिजली देवी, संजय यादव, रणजीत चौहान, कन्हाई पासवान, पंचानंद रवानी, झुमका पोद्दार समेत बड़ी संख्या में असंगठित लोडिंग मजदूर शामिल थे.



