रांची। झारसेवा पोर्टल में जाति के नाम को लेकर तकनीकी विसंगति से मयरा मोदक समाज के हजारों युवाओं के भविष्य पर संकट उत्पन्न होने का दावा किया गया है। समाज के लोगों का कहना है कि अत्यंत पिछड़ा वर्ग (बीसी-1) की सूची में “मयरा (मैरा) मोदक” दर्ज है, जबकि पोर्टल पर “MAYRA-MAIRA” और “MODAK” अलग-अलग विकल्प के रूप में प्रदर्शित हैं। इससे जाति प्रमाण-पत्र और केंद्रीय सूची के नाम में अंतर के कारण केंद्रीय भर्तियों में दस्तावेज सत्यापन के दौरान अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समाज के बुद्धिजीवी वर्ग और युवाओं ने हजारों हस्ताक्षर के साथ कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के सचिव को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। मांग की गई है कि पोर्टल पर “मयरा (मैरा) मोदक” एकीकृत नाम दर्ज किया जाए तथा पुराने प्रमाण-पत्रों को वैध माना जाए। साथ ही तकनीकी नाम-अंतर के कारण अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द नहीं करने की मांग की गई है। समाधान नहीं होने पर शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
झारसेवा पोर्टल की विसंगतियां दूर करने की मांग को लेकर मयरा मोदक समाज एकजुट
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