तीन दुकानों में मिली मिठाइयों में गड़बड़ी
जांच के दौरान बृजवासी मिष्ठान भंडार के रसोईघर में अत्यधिक गंदगी मिली. यहां मक्खी और चींटियां लगे करीब 250 पीस रसगुल्ले पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया.
बम-बम मिष्ठान में उपभोग की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुके करीब एक किलोग्राम पेड़े मिले. इन्हें तत्काल नष्ट कराया गया. वहीं, शिवभोग मिष्ठान में गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए करीब तीन किलोग्राम रसगुल्ले नष्ट कराये गये.
पनीर और अन्य खाद्य सामग्री की भी जांच
अभियान के दौरान न्यू रामाधार मिष्ठान भंडार, गुप्ता स्वीट्स और मां तारा मिष्ठान सहित अन्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया. मिठाई दुकानों और होटलों में बिक्री के लिए रखे पनीर की जांच की गयी, ताकि मिलावटी और एनालॉग पनीर की बिक्री पर रोक लगाई जा सके.
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ठेला संचालकों, गुपचुप (गोलगप्पा) विक्रेताओं और अन्य छोटे खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया. संबंधित कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई रखने और खाद्य सामग्री को सुरक्षित व ढककर रखने का निर्देश दिया गया.
वैध लाइसेंस रखने और मिलावट से बचने की हिदायत
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों ने सभी कारोबारियों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का वैध लाइसेंस या पंजीकरण अनिवार्य रूप से प्राप्त करने को कहा. साथ ही प्रतिबंधित कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल नहीं करने और खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की मिलावट से बचने की सख्त हिदायत दी.
पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन करने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
साहिबगंज में खाद्य सुरक्षा विभाग ने दीपावली-छठ पर्व से पहले मिठाई दुकानों पर बड़ा छापा मारा. 4 किलो से ज्यादा खराब मिठाई नष्ट की गई और 4 दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया.
साहिबगंज : साहिबगंज में दीपावली और छठ महापर्व को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है. उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी आशीष कुमार वर्मा और नौरंगदेव कुमार के नेतृत्व में मंगलवार को मुख्य बाजार में विशेष जांच अभियान चलाया गया. इस दौरान मिठाई दुकानों, होटलों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया. कुल नौ प्रतिष्ठानों की जांच में अनियमितताएं मिलने पर चार खाद्य कारोबारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.
तीन दुकानों में मिली मिठाइयों में गड़बड़ी
जांच के दौरान बृजवासी मिष्ठान भंडार के रसोईघर में अत्यधिक गंदगी मिली. यहां मक्खी और चींटियां लगे करीब 250 पीस रसगुल्ले पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया.
बम-बम मिष्ठान में उपभोग की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुके करीब एक किलोग्राम पेड़े मिले. इन्हें तत्काल नष्ट कराया गया. वहीं, शिवभोग मिष्ठान में गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए करीब तीन किलोग्राम रसगुल्ले नष्ट कराये गये.
पनीर और अन्य खाद्य सामग्री की भी जांच
अभियान के दौरान न्यू रामाधार मिष्ठान भंडार, गुप्ता स्वीट्स और मां तारा मिष्ठान सहित अन्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया. मिठाई दुकानों और होटलों में बिक्री के लिए रखे पनीर की जांच की गयी, ताकि मिलावटी और एनालॉग पनीर की बिक्री पर रोक लगाई जा सके.
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ठेला संचालकों, गुपचुप (गोलगप्पा) विक्रेताओं और अन्य छोटे खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया. संबंधित कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई रखने और खाद्य सामग्री को सुरक्षित व ढककर रखने का निर्देश दिया गया.
वैध लाइसेंस रखने और मिलावट से बचने की हिदायत

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों ने सभी कारोबारियों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का वैध लाइसेंस या पंजीकरण अनिवार्य रूप से प्राप्त करने को कहा. साथ ही प्रतिबंधित कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल नहीं करने और खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की मिलावट से बचने की सख्त हिदायत दी.
पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन करने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जायेगी.



