स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति तेज करने और स्वास्थ्यकर्मियों के लंबित भुगतान पर सख्त निर्देश जारी किए हैं. दीपावली से पहले होगा भुगतान.
रांची. झारखंड में टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति तेज करने और स्वास्थ्यकर्मियों के लंबित भुगतान को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सोमवार को सभी जिलों के सिविल सर्जन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. उन्होंने असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले जिलों को 24 घंटे के भीतर जरूरी सुधार कर लंबित सूचनाएं वेबसाइट पर अपडेट करने का निर्देश दिया. साथ ही एनएचएम कर्मियों, आउटसोर्स कर्मियों और सहियाओं का बकाया मानदेय व वेतन दीपावली से पहले भुगतान करने को कहा.
पात्र टीबी मरीजों को जल्द मिले निक्षय पोषण योजना का लाभ
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिलों के प्रदर्शन, विभिन्न सूचकांकों, जिला स्तरीय समितियों, श्रेणी-एक नोडल पदाधिकारियों की कवरेज और अभियान की टीमों की स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि सभी लंबित सूचनाएं निर्धारित समय-सीमा में अपडेट की जाएं. जिन जिलों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, वे 24 घंटे के भीतर आवश्यक सुधार कर वेबसाइट पर जानकारी अपलोड करें.
मरीजों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की भी समीक्षा
उन्होंने निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की भी समीक्षा की. अधिकारियों को सभी पात्र मरीजों के बैंक खातों में लंबित राशि तत्काल हस्तांतरित करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र मरीज योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए.
एनएचएम और आउटसोर्स कर्मियों का भुगतान दीपावली से पहले
अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों को एनएचएम के संविदा कर्मियों, आउटसोर्स कर्मियों और सहियाओं के लंबित मानदेय व वेतन का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा. उन्होंने 30 सितंबर तक के लंबित भुगतान का निपटारा दीपावली से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. भुगतान में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी. राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक के व्यय और भुगतान संबंधी प्रक्रियाएं भी पूरी करने को कहा गया. अपर मुख्य सचिव ने चेतावनी दी कि भुगतान में लापरवाही मिलने पर संबंधित जिला लेखा प्रबंधक, प्रखंड लेखा प्रबंधक या अन्य जिम्मेदार पदाधिकारी और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
एचआरआईएस पोर्टल से होगा कर्मियों के वेतन का भुगतान
बैठक में बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय में कार्यरत एनएचएम कर्मियों के अक्टूबर माह के वेतन का भुगतान नवंबर में मानव संसाधन सूचना प्रणाली (एचआरआईएस) पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा. नवंबर के वेतन भुगतान के लिए दिसंबर में इसी व्यवस्था के तहत तैयारी करने का निर्देश दिया गया है. सभी जिलों को एचआरआईएस पोर्टल के माध्यम से भुगतान के लिए आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा गया. भविष्य में सहियाओं का भुगतान भी मुख्यालय के माध्यम से करने की व्यवस्था की जाएगी. भुगतान प्रक्रिया में पहले एनएचएम के संविदा कर्मियों और उसके बाद आउटसोर्स कर्मियों के भुगतान की कार्रवाई होगी. जिलों में एनएचएम संविदा कर्मियों के दिसंबर माह के वेतन का भुगतान भी एचआरआईएस पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा.
7 साल से पुरानी और अनुपयोगी एंबुलेंसों की होगी नीलामी
अपर मुख्य सचिव ने ममता वाहन सेवा की स्थिति की समीक्षा करते हुए लंबित भुगतान से संबंधित विवरण अपडेट करने का निर्देश दिया. उन्होंने 108 एंबुलेंस सेवा की भी जानकारी ली. निर्देश दिया कि जो एंबुलेंस परिचालन में नहीं हैं, सात वर्ष से अधिक पुरानी हैं और डेढ़ लाख किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी हैं, उन्हें नियमानुसार अनुपयोगी घोषित कर नीलाम किया जाए. ऐसी एंबुलेंसों को अस्पताल परिसर से हटाने को भी कहा गया. अन्य श्रेणियों की अनुपयोगी एंबुलेंसों की भी नियमानुसार नीलामी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि अस्पताल परिसरों में पुराने वाहन अनावश्यक रूप से खड़े न रहें.
दीपावली से पहले अस्पतालों में रंग-रोगन और सफाई पूरी करें
अपर मुख्य सचिव ने जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों में दीपावली से पहले रंग-रोगन और जरूरी मरम्मत कार्य पूरा करने का निर्देश दिया. अस्पताल परिसरों में उगी झाड़ियों और अनावश्यक वनस्पतियों को हटाने, साफ-सफाई करने तथा भवनों और आसपास के क्षेत्रों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपावली से पहले सभी अस्पताल परिसर स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आकर्षक दिखने चाहिए. टीबी मुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन, मरीजों को समय पर आर्थिक सहायता, स्वास्थ्यकर्मियों के लंबित भुगतान और अस्पतालों के रखरखाव में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बैठक में ये थे शामिल
बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सहित सभी जिलों के सिविल सर्जन और संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए.



