राजमहल में महासप्तमी के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित, नव पत्रिका पूजन और बेलभरनी परंपरा का निर्वहन. गंगा तट पर भक्ति का माहौल.
राजमहल: नवरात्र के सातवें दिन महासप्तमी के अवसर पर राजमहल अनुमंडल मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं स्थापित कर दी गई हैं. प्रतिमा स्थापित होते ही पूरे क्षेत्र में भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना शुरू हो गई है. सर्वप्रथम पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ नव पत्रिका का विधि-विधान से पूजन कराया और फिर मंदिर में नव पत्रिका प्रवेश कराया. इसके साथ ही कई प्रमुख मंदिरों में मां सप्तमी की विशेष पूजा-अर्चना भी की गई.गंगा तट पर अनुष्ठान
राजमहल शहरी क्षेत्र के अधिकांश पूजा पंडालों और मंदिरों का नव पत्रिका पूजन ऐतिहासिक उत्तर वाहिनी गंगा में किया गया. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के भी वैसे मंदिर जो गंगा तटवर्ती इलाकों में स्थित हैं, उनके पुरोहित और श्रद्धालु भी पूजन के लिए उत्तर वाहिनी गंगा पहुंचे. गंगा तट पर पवित्र स्नान और ध्यान के बाद मां दुर्गा का आह्वान किया गया.
बेलभरनी परंपरा का निर्वहन
गंगा तट पर नव पत्रिका और बेलभरनी जैसी पौराणिक परंपराओं का कड़ाई से निर्वहन करते हुए मां दुर्गा का आह्वान किया गया. इसके बाद पुरोहितों ने वैदिक रीति-रिवाज से मुख्य मंदिरों में कलश स्थापना के साथ पूजा शुरू की. मां दुर्गा के पट खुलते ही पूरा राजमहल अनुमंडल क्षेत्र शंखध्वनि और वैदिक मंत्रों से गूंज उठा है और चारों तरफ उत्सव का माहौल है.



