मालदा से बरहड़वा तक फैला नशे का नेटवर्क! मकान में चल रहा था ब्राउन शुगर बनाने का खेल
608 ग्राम ब्राउन शुगर, 5.93 लाख रुपये नकद और केमिकल बरामद, पांच आरोपी गिरफ्तार
बरहड़वा। साहिबगंज जिले के बरहड़वा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्राउन शुगर बनाने और उसकी खरीद-बिक्री के कथित ठिकाने का खुलासा किया है। गुप्त सूचना के आधार पर गुमलापाड़ा, महाराजपुर स्थित एक मकान में छापेमारी कर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से ब्राउन शुगर, लाखों रुपये नकद, बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ और मादक पदार्थ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं।

गुप्त सूचना पर पुलिस की छापेमारी
बरहड़वा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल के नेतृत्व में पुलिस की संयुक्त टीम ने 12 अक्टूबर को कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि मकान के अंदर रासायनिक पदार्थों की मदद से मादक पदार्थ तैयार करने तथा उसकी खरीद-बिक्री का काम किया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। इस दौरान पांच लोगों को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उन्हें पकड़ लिया।

608 ग्राम ब्राउन शुगर और 5.93 लाख रुपये बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 608 ग्राम ब्राउन शुगर और 5 लाख 93 हजार 900 रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा करीब 15.877 किलोग्राम रासायनिक पदार्थ, एसीटिल क्लोराइड की 13 बोतलें, इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, सिलिंग मशीन, मोबाइल फोन, जनरेटर और अन्य सामान भी जब्त किया गया। बरामद सामग्रियों की प्रकृति और उनके इस्तेमाल को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
मालदा जिले के पांच लोग गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हाजीकुल शेख (करीब 41 वर्ष), अख्तर आलम (करीब 26 वर्ष), शहजान शेख (करीब 25 वर्ष), साहनवाज आलम (करीब 19 वर्ष) और अमिरुल शेख (करीब 45 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कलियाचक थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।इस मामले में बरहड़वा थाना कांड संख्या 259/26, दिनांक 12 अक्टूबर 2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, मादक पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत और बिक्री के संभावित ठिकानों की पड़ताल कर रही है। साहिबगंज की भौगोलिक स्थिति पश्चिम बंगाल और बिहार के निकट होने के कारण सीमावर्ती इलाकों में नशीले पदार्थों की तस्करी पर निगरानी भी अहम मानी जा रही है।



