रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी नामांकन प्रक्रिया के तहत 567 अभ्यर्थियों की इंटरव्यू सूची जारी हुई है। अक्टूबर तक नामांकन पूरा कर नवंबर से 327 चयनित शोधार्थियों का कोर्स वर्क शुरू होगा, जो नए रेगुलेशन 2022 पर आधारित है।
रांची। रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी की नामांकन प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत इंटरव्यू में शामिल होने के लिए 567 अभ्यर्थियों की सूची वेबसाइट पर अपलोड कर दी गयी है। हालांकि अभी तक इंटरव्यू की तारीख जारी नहीं की गयी है। लेकिन इसकी प्रक्रिया चल रही है और अक्टूबर तक नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और नवंबर में कोर्स वर्क शुरू किया जा सकता है।
रांची विश्वविद्यालय में पहली बार है कि पीएचडी के नए रेगुलेशन 2022 के अनुसार नामांकन लिया जा रहा है। जिसके बाद कुल 327 अभ्यर्थियों का शोध करने के लिए चयन होगा।
नवंबर में शुरू हो जाएगा पीएचडी का कोर्स वर्क
पीएचडी की शुरुआत कोर्स वर्क से की जाती है। छह महीने का कोर्स वर्क पूरा करने के बाद ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होती है। इसके बाद शोधार्थी अपने शोध की प्रक्रिया में आगे बढ़ता है। रांची विवि में कोर्स वर्क की शुरुआत नवंबर 2026 से की जा सकती है।
विश्वविद्यालय के शोध निदेशालय से इसकी तैयारी चल रही है। शोध निदेशक डॉ. परवेज हसन ने बताया कि अगर सब कुछ समय पर हुआ तो नवंबर से कोर्स वर्क शुरू किया जा सकता है। निदेशालय की ओर से तैयारी हो रही है। जल्द ही इंटरव्यू की तारीख जारी की जाएगी। जिसके बाद संबंधित विभाग इंटरव्यू आयोजित कर लेंगे।कोर्स वर्क में ही मिल जाएगी पूरी जानकारी
वहीं इस बार जो पीएचडी नामांकन के तहत चयनित होकर आयेंगे उनके लिए कुछ अलग तरीके का ही कोर्स वर्क तैयार किया गया है। नामांकन के साथ ही शोध के लिए क्या करना चाहिए उसकी जानकारी उन्हें मिलेगी।
इसके साथ ही शोध कार्य करने के दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए उसको भी पूरी जानकारी मिलेगी। इसके अलावा कंम्प्यूटर के माध्यम से उन्हें शोध में क्या मदद मिलेगी ये भी इस बार के कोर्स वर्क में बताया जाएगा।
इंटरव्यू के लिए 567 का हुआ है चयन, 327 सीटें है निर्धारित
पीएचडी इंटरव्यू के लिए विवि की ओर से चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गयी है। अलग-अलग विषयों के लिए कुल 567 अभ्यर्थियों का चयन आरक्षण के अनुसार किया गया है। हालांकि सभी विषयों में कुल 327 सीटें ही उपलब्ध है। जिसकी वजह से 240 अभ्यर्थियों को इस वर्ष पीएचडी नामांकन का मौका नहीं मिल पाएगा। उनके लिए अगले वर्ष फिर से पीएचडी में नामांकन लेने का अवसर मिलेगा।



