108 एंबुलेंस कर्मियों की मांगों पर स्वास्थ्य विभाग से बनी सहमति. छठ पूजा तक आंदोलन स्थगित, पर पूरा न होने पर 18 नवंबर 2026 से हड़ताल की चेतावनी.
साहिबगंज. झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ और राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के बीच 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों, सेवा सुरक्षा, वेतन भुगतान और एंबुलेंस संचालन से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई. संघ के अनुसार, बैठक में कई मांगों के समाधान की दिशा में सकारात्मक सहमति बनी. इसके बाद संघ ने छठ पूजा तक आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया है. साथ ही, मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 18 नवंबर 2026 से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है. सेवा सुरक्षा और मनमानी बर्खास्तगी पर रोक की मांग
बैठक में कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया. संघ के अनुसार, अब किसी कर्मचारी को कंपनी अपनी मनमर्जी से नौकरी से नहीं निकाल सकेगी. किसी कर्मचारी के विरुद्ध शिकायत या गलती का मामला सामने आने पर राज्य की एनएचएम टीम, संबंधित जिले के सिविल सर्जन और कर्मचारी संघ की सहभागिता में जांच की जाएगी. जांच में दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
वेतन भुगतान में पारदर्शिता के लिए एस्क्रो अकाउंट
कर्मचारियों के वेतन भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एस्क्रो अकाउंट की व्यवस्था पर सहमति बनने की बात कही गई. संघ के अनुसार, इस व्यवस्था से स्वास्थ्य विभाग वेतन भुगतान की निगरानी कर सकेगा. इसका उद्देश्य वेतन भुगतान में अनियमितता और मनमानी कटौती पर रोक लगाना है.
एंबुलेंस खराब रहने पर वेतन नहीं काटने की मांग
बैठक में एंबुलेंस खराब रहने या केस नहीं मिलने की स्थिति में कर्मचारियों के वेतन में कटौती का मुद्दा भी उठाया गया. संघ का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए. ऐसी स्थिति में भी वेतन भुगतान सुनिश्चित करने पर सहमति बनी है.
न्यूनतम मजदूरी, ईपीएफ और ईएसआईसी सहित सुविधाओं पर चर्चा
संघ ने कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के साथ न्यूनतम मजदूरी, ईपीएफ, ईएसआईसी, अवकाश, जीवन बीमा और बोनस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी. इन श्रम संबंधी सुविधाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के मुद्दे पर भी सकारात्मक चर्चा हुई.
बायोमीट्रिक से बनेगी हाजिरी, नई बहाली से पहले एनएचएम की अनुमति
बैठक में सभी एंबुलेंस में बायोमीट्रिक डिवाइस लगाने के जरिए कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने पर सहमति बनी. इसके अलावा, संघ के अनुसार, कंपनी अब अपनी मर्जी से नए कर्मचारियों की बहाली नहीं कर सकेगी. नई नियुक्ति से पहले एनएचएम की अनुमति लेनी होगी.
एंबुलेंस टेंडर में बदलाव का मुद्दा भी उठा
कर्मचारियों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए वर्तमान एंबुलेंस टेंडर में आवश्यक सुधार करने अथवा निर्धारित प्रक्रिया के तहत नया टेंडर जारी करने का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इन विषयों पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए संघ से कुछ दिनों का समय मांगा.
छठ पूजा तक आंदोलन स्थगित, मांगें पूरी नहीं हुईं तो हड़ताल
झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिला उपाध्यक्ष रोहित रंजन ने बताया कि सरकार की ओर से मांगों के समाधान के लिए सकारात्मक पहल और आश्वासन मिलने के बाद संघ ने छठ पूजा तक आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया है. संघ ने स्पष्ट किया कि यह फैसला सरकार को मांगें पूरी करने का अवसर देने के उद्देश्य से लिया गया है. यदि इस अवधि में किसी कर्मचारी के खिलाफ अनुचित कार्रवाई होती है, तो संघ 72 घंटे के भीतर राज्यव्यापी हड़ताल पर निर्णय लेगा.
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं होता है और सहमत बिंदुओं पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो 18 नवंबर 2026 से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी. संघ ने उम्मीद जताई कि स्वास्थ्य विभाग इस अवधि में कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करेगा, ताकि उन्हें उनका अधिकार मिल सके और राज्य की 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा का संचालन भी सुचारु रूप से जारी रहे.
बैठक में संघ के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश कुमार, निर्भर कुमार तथा भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय पदाधिकारी जय प्रकाश कौशिक उपस्थित थे.



