Thursday, February 22, 2024

TEACHERS DAY: ₹1 फीस लेकर आओ और बनो इंजीनियर, आपको प्रेरित करेगी बिहार के इस शिक्षक की कहानी।

आपको प्रेरित करेगी बिहार के इस शिक्षक की कहानी, प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है, आइए जानते हैं एक मशहूर शिक्षक की स्टोरी,

पहली दफा आप सुनेंगे तो हैरान हो जाएंगे कि आखिर कोई शिक्षक एक रुपए फीस लेकर ऐसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे दे सकता है जिनके पढ़ाए हुए स्टूडेंट्स आज बड़ी संख्या में इंजीनियर के अलावा और कई विभागों में काम कर रहे हैं। बिहार के रहने वाले यह मैथमेटिक्स गुरु अब तक 500 से अधिक स्टूडेंट्स को इंजीनियर बना चुके हैं। वह भी मात्र ₹1 की फीस लेकर, यह कहानी है रोहतास जिले के बिक्रमगंज के रहने वाले आरके श्रीवास्तव की,वे देश और दुनिया भर में प्रसिद्ध हो चुके हैं।

 

गूगल पर मैथमेटिक्स गुरु सर्च करने पर आता है उनका नाम, “best teacher of bihar”सर्च करने पर सबसे टॉप पर आता है नाम

बता दें कि आरके श्रीवास्तव 2008 से ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई करा रहे हैं। उन्होंने अपना नाम ऐसा बनाया कि गूगल पर मैथमेटिक्स गुरु सर्च करने पर सबसे ऊपर उनका नाम आता है। आरके अपना एक इंस्टीट्यूट बिक्रमगंज में ही ‘1 रुपए गुरु दक्षिणा प्रोग्राम ’ चलाते हैं। वहीं सैकड़ों गरीब स्टूडेंट्स मात्र 1 रुपए देकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उनके इस संस्थान में और भी शिक्षक हैं जिसे आरके श्रीवास्तव ने नौकरी पर रखा है।

कौन है आरके श्रीवास्तव:

बिहार के एक शिक्षक के पढ़ाने का तरीका दुनियाभर में मशहूर हो रहा है और लोगों की प्रशंसा बटोर रहा है। सोशल मीडिया पर भी अपने शैक्षणिक कार्यशैली के लिए रोहतास जिले के बिक्रमगंज के आरके श्रीवास्तव खूब सुर्खिया इकठ्ठा कर रहे हैं। इनके द्वारा चलाया जा रहा गणित का नाइट क्लासेज अभियान और कबाड़ की जुगाड़ से गणित पढाना पूरे देश मे चर्चा का विषय बना हुआ है। आर के श्रीवास्तव का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड मे भी दर्ज है। इन्होने बच्चों को गणित की क्रियात्मक शिक्षा देने की एक अनोखी पहल शुरू की है। पूरी रात भर लगातार 12 घंटे गणित पढ़ाने की कला देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सिर्फ ₹1 गुरु दक्षिणा में पढ़ाकर अभी तक 545 आर्थिक रुप से गरीब स्टूडेंट्स को इंजीनियर बना चुके हैं और आगे यह कारवां जारी भी है। देश के राष्ट्रपति रह चुके माननीय रामनाथ कोविंद सहित देश के कई चर्चित सेलिब्रिटी आरके श्रीवास्तव के शैक्षणिक कार्यशैली की प्रशंसा कर चुके हैं। आरके श्रीवास्तव हमेशा अपने सफलता का योगदान अपने परिवार को देते हैं और बताते हैं कि मां और भाभी के संघर्षों का मेरे सफलता में योगदान अतुलनीय है उसका शब्दों में वर्णन नहीं किया जा सकता है।

आरके श्रीवास्तव 2008 से ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई करा रहे हैं। उन्होंने अपना नाम ऐसा बनाया कि गूगल पर “मैथमेटिक्स गुरु” सर्च करने पर सबसे ऊपर उनका नाम आता है।

इसके अलावा गूगल पर “best teacher of bihar”सर्च करने पर आरके श्रीवास्तव का ही नाम टॉप पर आता है।

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