देवघर में साइबर ठगी का मामला, अज्ञात लिंक पर क्लिक करते ही क्रेडिट कार्ड से उड़े 36 हजार रुपये. पीड़ित ने साइबर थाने में दर्ज कराई शिकायत.
देवघर :: देवघर में बिना OTP शेयर किए क्रेडिट कार्ड से 36 हजार रुपये कटने का मामला सामने आया है. अज्ञात लिंक पर क्लिक के बाद मोबाइल एक्सेस और साइबर ठगी की आशंका जताई गई है.
साइबर अपराधियों ने ठगी का नया और खतरनाक तरीका निकाल लिया है. नगर थाना क्षेत्र के बिलासी निवासी गौतम कुमार बिना कोई ओटीपी शेयर किए ही साइबर ठगी के शिकार हो गए. उनके एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड से 36 हजार रुपये गायब हो गए.
लिंक हटाने के दौरान हुआ खेल
जानकारी के अनुसार, गौतम कुमार के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से संदिग्ध लिंक आया था. खतरे का अंदेशा होते ही उन्होंने उस लिंक को डिलीट करने का प्रयास किया. आशंका है कि लिंक हटाने के दौरान गलती से उस पर क्लिक हो गया.
इसके तुरंत बाद उनके फोन का पूरा एक्सेस साइबर अपराधियों के पास चला गया. इसी एक्सेस के जरिये साइबर ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड से 36 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया.
अज्ञात लिंक ने बढ़ायी चिंता
आमतौर पर लोगों को लगता है कि OTP शेयर नहीं किया तो बैंक या कार्ड से पैसे नहीं निकल सकते. लेकिन देवघर का यह मामला बताता है कि संदिग्ध लिंक, मोबाइल एक्सेस और दूसरी डिजिटल गतिविधियों को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए.
रिपोर्ट के अनुसार, घटना के दौरान गौतम कुमार के मोबाइल पर OTP का मैसेज भी आया था. उन्होंने OTP किसी के साथ साझा नहीं किया, इसके बावजूद क्रेडिट कार्ड से 36 हजार रुपये कट गये. इससे यह सवाल उठता है कि ट्रांजेक्शन किस माध्यम से पूरा हुआ और साइबर अपराधियों को कार्ड से जुड़ी कौन सी जानकारी मिली. इसका जवाब पुलिस की तकनीकी जांच से सामने आ सकता है.
क्रेडिट कार्ड यूजर्स इन बातों का रखें ध्यान
सबसे पहली सावधानी यह है कि अनजान नंबर से आने वाले लिंक को खोलने से बचें. अगर कोई मैसेज संदिग्ध लगे तो उसे खोलने के बजाय सीधे डिलीट करें. किसी बैंक, कार्ड कंपनी या ऑनलाइन सेवा के नाम पर आया लिंक भी बिना जांचे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
दूसरी जरूरी बात यह है कि मोबाइल में अनजान एप, फाइल या लिंक के जरिये किसी को एक्सेस देने से बचें. यदि किसी संदिग्ध लिंक पर गलती से टच हो गया है, तो तुरंत बैंक या कार्ड जारी करने वाली संस्था से संपर्क कर कार्ड को ब्लॉक या अस्थायी रूप से बंद कराने पर विचार करें.
तीसरी सावधानी ट्रांजेक्शन अलर्ट को लेकर है. क्रेडिट कार्ड पर आने वाले SMS और ऐप नोटिफिकेशन को नजरअंदाज न करें. कोई अनजान ट्रांजेक्शन दिखे तो देर करने के बजाय तत्काल शिकायत दर्ज कराना जरूरी है.
ठगी के बाद तुरंत क्या करें
गौतम कुमार ने रकम कटने के बाद साइबर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज करायी. ऐसे मामलों में समय पर शिकायत करना बेहद महत्वपूर्ण है. पीड़ित को ट्रांजेक्शन की जानकारी, बैंक या कार्ड से मिले मैसेज और संदिग्ध लिंक से जुड़े स्क्रीनशॉट जैसे उपलब्ध डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने चाहिए.
साथ ही कार्ड जारी करने वाले बैंक को घटना की जानकारी देकर अनधिकृत ट्रांजेक्शन की शिकायत करनी चाहिए. इससे बैंक स्तर पर भी मामले की जांच शुरू हो सकती है. देवघर के इस मामले में भी पीड़ित ने ठगी की रकम वापस दिलाने और कार्रवाई की मांग की है.




