इंजीनियरिंग सेवा छोड़ ऑल इंडिया सर्विस की तैयारी में जुटे, मेहनत से हासिल की बड़ी सफलता
BRO में सेवाएं देने से लेकर आर्मी मेडल पाने तक का सफर बना युवाओं के लिए प्रेरणा
साहिबगंज। एक बार फिर साहिबगंज की प्रतिभा ने पूरे झारखंड को गौरवान्वित किया है। पुरानी साहिबगंज निवासी ओमप्रकाश तिवारी एवं सुधा तिवारी के पुत्र अमन आयुष्कर ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित भारतीय वन सेवा परीक्षा (IFS-2025) में पूरे देश में 27वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। उनकी इस उपलब्धि से जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।
लगातार तीसरे वर्ष साहिबगंज के युवाओं की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। पहले अविनाश, फिर निहारिका और अब अमन आयुष्कर ने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है।
संत जेवियर्स से शुरू हुआ सफलता का सफर:
अमन आयुष्कर की प्रारंभिक शिक्षा साहिबगंज के संत जेवियर्स स्कूल से हुई। वर्ष 2009 में उन्होंने इसी विद्यालय से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद वे कोटा जाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए। आगे की पढ़ाई उन्होंने जादवपुर यूनिवर्सिटी तथा प्रतिष्ठित आईआईटी से पूरी की। अपनी लगन और मेहनत के बल पर उन्होंने यूपीएससी की इंजीनियरिंग सर्विसेज परीक्षा भी उत्तीर्ण की और मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के अंतर्गत सीमा सड़क संगठन (BRO) में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर नियुक्त हुए।
लद्दाख और चीन सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्रों में कार्य के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण सड़क निर्माण परियोजनाओं की निगरानी की। गलवान घाटी क्षेत्र में बेहतर कार्यों और समर्पित सेवा को लेकर वर्ष 2020 में उन्हें इंडियन आर्मी द्वारा आर्मी मेडल से सम्मानित भी किया गया था।

चार वर्षों की सेवा के बाद चुना ऑल इंडिया सर्विस का रास्ता:
करीब चार वर्षों तक केंद्रीय सेवा में कार्य करने के बाद अमन ने ऑल इंडिया सर्विस के माध्यम से देश सेवा करने का लक्ष्य तय किया। इसके लिए उन्होंने अपनी पूरी ऊर्जा यूपीएससी-IFS की तैयारी में लगा दी। कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के दम पर उन्होंने वर्ष 2025 की भारतीय वन सेवा परीक्षा में पूरे देश में 27वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया।
जानकारी के अनुसार अब अमन को मसूरी में 100 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्हें झारखंड के किसी भी जिले में डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) के रूप में नियुक्त किया जाएगा। अमन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, मित्रों और सहयोगियों को दिया है।

साहिबगंज डीएफओ का भी जताया आभार:
अमन आयुष्कर ने विशेष रूप से साहिबगंज के डीएफओ प्रबल गर्ग का आभार जताया। उन्होंने बताया कि आईएफएस की तैयारी को लेकर लगातार प्रेरित किया। और वो बिना कहीं कोचिंग पढ़े लिखे डीएफओ प्रबल गर के दिशा निर्देश को फॉलो करते हुए इस मुकाम को हासिल किया। वहीं उनकी मां सुधा तिवारी ने बताया कि अमन बचपन से ही पढ़ाई में काफी मेधावी और अनुशासित थे। पिता ओमप्रकाश तिवारी भी बच्चों की शिक्षा को लेकर हमेशा गंभीर और समर्पित रहे। अमन आयुष्कर के परिवार में उनकी दो बहनें भी हैं। बड़ी बहन का विवाह हो चुका है और वह फिलहाल लंदन के कैम्ब्रिज में रह रही हैं, जबकि छोटी बहन वर्तमान में घर पर रहकर अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं।
अमन आयुष्कर की यह सफलता आज साहिबगंज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। जिले के लोगों ने इसे साहिबगंज और झारखंड के लिए गौरव का क्षण बताया है।




