Sunday, April 14, 2024

हेमंत सोरेन की विधायकी गई तो भी बने रह सकते हैं मुख्यमंत्री, उनके पास मौजूद हैं ये 3 विकल्प

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत की विधानसभा सदस्यता जाएगी या रहेगी इस पर राज्यपाल को फैसला लेना है। सूत्रों का कहना है कि भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खनन पट्टा मामले में अपना मंतव्य राजभवन को भेज दिया है। राजभवन सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल दोपहर करीब डेढ़ बजे दिल्ली से वापस रांची लौटेंगे। राज्यपाल रमेश बैस पिछले तीन दिनों से दिल्ली में थे और उनकी यात्रा को निजी दौरा बताया गया था। राज्यपाल के रांची वापस लौटने के बाद ही चुनाव आयोग की ओर से भेजी गयी सीलबंद रिपोर्ट को खोला जाएगा। राज्यपाल रमेश मुर्मू दिल्ली से रांची पहुंचे। एयरपोर्ट से बाहर पत्रकारों से बातचीत में अभी सिर्फ इतना ही कि चुनाव आयोग से प्राप्त सीलबंद लिफाफे की रिपोर्ट में अभी उन्होंने पढ़ा नहीं है, पढ़ने के बाद ही वे कुछ बता पाएंगे। इतना कह कर राजभवन की ओर निकल गए।

फिलहाल चुनाव आयोग का पत्र राजभवन को प्राप्त हो जाने की सूचना पर झारखंड में राजनीतिक हलचल बढ़ गयी है। उधर, बीजेपी के गोड्डा सांसद निशिकांत दूबे ने ट्वीट कर दावा किया है कि चुनाव आयोग ने राजभवन को अपनी रिपोर्ट भेजकर हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश कर चुका है। ऐसे में हर किसी के जेहन में यही सवाल है कि अगर हेमंत सोरेन को अपनी विधायकी गंवानी पड़ती है तो उनके पास और क्या विकल्प हैं।

1. दोबारा शपथ लेकर बने रहेंगे CM
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अगर मौजूदा विधानसभा सदस्यता के लिए अयोग्य कर दिया जाता है तो भी वह मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। सीएम सोरेन को नये सिरे से शपथ लेना होगा और एक बार फिर से मंत्रिमंडल का गठन करना होगा। दोबारा शपथ लेने के छह महीने के भीतर हेमंत सोरेन को विधानसभा का चुनाव जीतना होगा। यह विकल्प तभी कारगर है जब चुनाव आयोग हेमंत सोरेन के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध नहीं लगाता है। अगर हेमंत सोरेन पर कुछ साल के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगता है तो यह विकल्प किसी काम का नहीं है।
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2. पत्नी या मां को सीएम बनाने का विकल्प
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के सूत्रों का कहना है कि अगर तत्काल हेमंत सोरेन की विधायकी जाती है तो वह मां रूपी सोरेन और पत्नी कल्पना सोरेन में किसी एक को मुख्यमंत्री बना सकते हैं। इस विकल्प को लागू करने के लिए पार्टी के साथ गठबंधन के सहयोगी दलों की सहमति जरूरी होगी। यह भी माना जा रहा है कि सीएम हेमंत मां या पत्नी को कुछ दिन सीएम बनाकर रखने के बाद खुद चुनाव जीतकर आएंगे और दोबारा सीएम पद संभाल सकते हैं।
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3.सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं हेमंत सोरेन
JMM का कहना है कि अगर चुनाव आयोग हेमंत सोरेन को विधायक पद के लिए अयोग्य करता है तो पार्टी सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है। माना जा रहा है कि अगर हेमंत सोरेन के कुछ साल चुनाव में उतरने पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो इस विकल्प को आजमाया जा सकता है।

वरिष्ठ विधायक सरयू राय दावा किया है कि उन्हें अति विश्वस्त सूत्रों के अनुसार निर्वाचन आयोग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विधायक पद से अयोग्य करार दिया है। विधायक बनने के लिए अयोग्य घोषित होने की अधिसूचना राजभवन से निकलते ही उन्हें त्यागपत्र देना होगा या माननीय न्यायालय से इस अधिसूचना पर स्थगन आदेश प्राप्त करना होगा।

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