Friday, July 19, 2024

आपसी सौहार्द व शांतिपूर्ण तरीके से मना बकरीद पर्व,सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ईदगाहों में पुलिस बल था तैनात

ईदगाहों में अदा की गई सामूहिक नमाज

आपसी सौहार्द व भाईचारे के लिए की गई दुआ, गले मिलकर दी मुबाकरबाद

(अटल भारत प्रतिनिधि)

उधवा/साहेबगंज(रबीउल आलम) : ईद-उल-अजहा(बकरीद) का त्योहार सोमवार को सामाजिक एवं साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया। ईद-उल-फितर के बाद मुस्लिम समुदाय के दूसरे सबसे मुख्य त्योहार बकरीद को माना जाता है। त्योहार के दिन सुबह से ही ईदगाह में नमाज अदा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रखंड के उधवा, बाबू टोला, दरगाह डांगा, पियारपुर, कटहल बाड़ी, इंग्लिश, बेगमगंज, चांद शहर आदि ईदगाहों में बकरीद की सामूहिक नमाज अदा की गई। जिसमें देश में अमन चैन की दुआ की गई। नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।

सुरक्षा दृष्टिकोण से ईदगाहों में पुलिस बल रहा तैनात

सुरक्षा की दृष्टि से ईदगाह के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई थी। ईदगाहों के बाहर लगे मेले का बच्चों से लेकर बड़ों तक ने लुत्फ उठाया। अपने जरूरत के सामानों की खरीदारी भी की। पर्व को लेकर सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोगों में काफी उत्साह देखा गया। नए कपड़े पहनकर लोग ईदगाह और मस्जिदों में जमा होने लगे।नमाज के बाद रिश्तेदारों से मिलने, दावत खाने और एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद देने का सिलसिला जारी रहा। खासकर बच्चे नए कपड़े पहनकर काफी खुश नजर आए। घर-घर पकवान बने। एक-दूसरे के घर जाकर लोगों ने पकवान का लुफ्त भी उठाया। वहीं इसके बाद लोगों ने एक दूसरे को गले मिलकर ईद की बधाई दी।

क्यों मनाया जाता है बकरीद

इस्लामिक मान्यता के अनुसार, बकरीद हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। बकरीद को ईद उल अजहा, ईद उल जुहा, बकरा ईद के नाम से भी जाना जाता है। बकरीद के मौके पर मुस्लिम धर्म में नमाज पढ़ने के साथ साथ जानवरों की कुर्बानी भी दी जाती है। इस दिन अल्लाह की रजा के लिए कुर्बानी करते हैं।

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