एक पक्ष ने उनके घर को जमीनदोज करने का लगाया आरोप, तो दूसरे पक्ष ने कहा कि यह मस्जिद कमेटी की है जमीन
विवाद के बाद पहुंचे आलाधिकारी, प्रशासन कर रही है मामले की जांच

साहिबगंज: जमीन को लेकर शुक्रवार की दोपहर नगर थाना क्षेत्र के हबीबपुर मोहल्ले में दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ। एक पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि उनकी जमीन पर बने घर सामूहिक रूप से दर्जनों लोगों ने हमला करते हुए उसकी घर को जबरन जमीनदोज कर उस पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से यह बताया गया कि यह जमीन हबीबपुर मस्जिद कमेटी की है। मस्जिद का सामान रखने के क्रम में दूसरे पक्ष की ओर से पथराव किया गया, इसको लेकर ऐसी घटना घटित हुई। बाद में सूचना पर नगर थाना पुलिस के अलावे साहिबगंज सदर प्रखंड के अंचलाधिकारी बासुकिनाथ टुडू भी घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू करते हुए, तनावपूर्ण स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास में जुट गई। बढ़ते विवाद को देख मौके कर डीएसपी, एसडीपीओ किशोर तिर्की, समेत कई थाना के प्रभारी मौके पर पहुंचे।

जबरन घर में घुसकर, घर को किया जमींदोज:
एक पक्ष की ओर से मो. इमरान और उसकी बहन बिल्किस परी ने बताया कि इस जमीन को लेकर उनके द्वारा उपायुक्त को शिकायत की गई है, जहां से जांच की प्रक्रिया चल रही है। कहा कि हमारे नाना हबीब अंसारी के नाम से उक्त जमीन का दस्तावेज रजिस्टर 2 में दर्ज है। उसके बावजूद भी शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद कुछ लोग कब्रिस्तान ले जाने वाला पलंग को लेकर आया, उसके घर में जबरन रखने का प्रयास किया, उसने उसे रोकने का प्रयास किया तो उन लोगों ने भद्दी भद्दी-बड़ी गालियां देनी शुरू कर दी। मैंने कहा कि रमजान का महीना चल रहा है, जबरन उनके घर में घुसेंगे वे लोग कहां जाएंगे? इससे वेलोग नहीं माने और उनके घर को तोड़ना शुरू कर दिया। उस दौरान वहां खड़े कई लोगों से मैंने मदद मांगी, लेकिन किसी ने भी मदद नहीं की। और देखते ही देखते उनके घर को कई युवकों ने मिलकर जमीनदोज कर दिया। अब पूरा परिवार खुले आसमान में रहने को विवश हो चुका है। प्रशासन सही न्याय करें।

जमीन पर उनका अधिकार नहीं, जबरन जता रही हक: मो० आजाद
वहीं दूसरे पक्ष की ओर से मोहल्ले के निवर्तमान वार्ड पार्षद सह मस्जिद कमिटी के सदस्य मोहम्मद आजाद हुसैन ने कहा कि यह जमीन हबीबपुर मस्जिद की है। यह जमीन मस्जिद को दान के रूप में मिली थी। जमीन पर काफी समय पहले एक बूढ़ा अपनी पत्नी के साथ रह रहे थे। गरीब और असहाय होने की वजह से मस्जिद कमेटी की ओर से उन लोगों को वहां तत्काल रहने के लिए दिया गया था। उनकी एक बेटी का निकाह एलसी रोड में हुई था। वे भी यहां आकर कभी-कभी रहती थी, बाद में वे लोग कमाने के लिए सउदिया चली गई थी। बाद में वे वापस लौटी, और यहां आकर रहने लगी थी, बाद में फिर उनका निधन हो गया था। अब उस महिला की बेटी आकर यहां रह रही थी। मस्जिद कमेटी की ओर से उनको कई बार जगह खाली करने की बात भी कही गई थी। इसको लेकर मस्जिद कमेटी की ओर से जिले के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, जिलाधिकारी आदि को आवेदन भी दिया गया था। अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से उनको 7 दिन के भीतर जमीन खाली करने का नोटिस भी दिया गया था। शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद कमेटी के कुछ लोग मस्जिद की उक्त जमीन पर कब्रिस्तान ले जाने वाला पलंग रखने गया था, जिसका उक्त महिला ने पहले विरोध किया और फिर उन्होंने पथराव कर दिया। इसके विरोध में ऐसी घटना घटित हुई। हालांकि कमेटी के लोग शांति बनाए हुए हैं। सूचना पर प्रशासन के लोग पहुंच मामले की छानबीन कर रहे है।

क्या कहते है अंचलाधिकारी:
घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंचे साहिबगंज के अंचलाधिकारी बासुकिनाथ टुडू ने बताया कि मस्जिद कमेटी की ओर से इस संदर्भ में बुधवार को एक आवेदन दिया गया था। उन्होंने इसके लिए जांच के आदेश दिए थे, लेकिन जांच होने के पूर्व यह मामला सामने आया है। जहां तक अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा 7 दिनों के भीतर जमीन खाली करने का नोटिस दिए जाने की बात है, यह जानकारी उनको नहीं है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
