Sunday, April 14, 2024

Sahibganj: रेलकर्मी हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, पत्नी समेत तीन गिरफ्तार

पत्नी ने रची थी हत्या की साजिश, अपने बहन और बहन बेटा के सहयोग से हत्या को दिया अंजाम

अबोध बच्चो के भविष्य पर छाया काला बादल, कैसे होगा परबरिस

साहिबगंज: रेलकर्मी राजकुमार चंदन हत्याकांड का पुलिस ने उद्वेदन कर लिया है। हत्याकांड के पांच दिनों के भीतर ही मामले को उद्भेदन करते हुए पुलिस ने हत्यारे पत्नी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पत्नी रिंकू देवी के अलावा दो अन्य (बड़ी बहन उषा देवी और उसके पुत्र पंकज कुमार) की गिरफ्तारी की बिहार के बाढ़ से की गई है।

डीएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का किया खुलासा:-

सदर डीएसपी संजीव मिश्रा ने नगर थाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बीते 12 फरवरी की देर रात नगर थाना से कुछ गज की दूरी पर स्थित अपने रेलवे क्वार्टर नंबर 314 बी में सो रहे तकरीबन 38 वर्षीय रेल कर्मी राजकुमार चंदन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक रेल कर्मी की पत्नी रिंकू कुमारी के फर्द बयान पर नगर थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज की गई थी। मामले के उद्वेदन के लिए एसपी कुमार गौरव के निर्देश पर डीएसपी मुख्यालय संजीव मिश्रा की अगवाई में एक एसआईटी टीम गठित की गई थी। टीम में नगर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता, पुलिस आवाज निरीक्षक रविंद्र कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक कैलाश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक संतोष कुमार पांडे, मुफस्सिल थाना प्रभारी अनुपम प्रकाश, जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी परनीत पटेल समेत अन्य पुलिसकर्मियों को रखा गया था। टीम ने तकनीकी और पेशेवर ढंग से मामले का उद्वेदन करते हुए घटना में शामिल मृतक की पत्नी रिंकू कुमारी, उसकी बहन उषा कुमारी और बहन का पुत्र पंकज कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार पंकज कुमार की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त किए गए एक देसी कट्टा, एक खाली खोखा, दो मोबाइल फोन और अभियुक्तों के द्वारा घटना के समय पहने गए कपड़े को पुलिस ने बरामद कर लिया। पुलिस ने घटना के पूर्व अभियुक्तों के साहिबगंज आने और घटना को अंजाम देने के बाद साहिबगंज से फरार होने का भी सीसीटीवी फुटेज बरामद किया है।

डीएसपी ने बताया कि पूछताछ में अपनी पत्नी के साथ अच्छा संबंध नहीं होना घटना का कारण बना है। मृतक अपनी पत्नी के साथ अक्सर मारपीट किया करते थे और अपने वेतन में से ज्यादा पैसा अपने घर में भेजा करते थे। और जिस कारण पत्नी की जरूरत पूरी नहीं हो पाती थी। इस कारण से पत्नी रिंकू ने अपने पति की हत्या की योजना बनाई और इसमें अपनी बहन उषा देवी और उसके बेटे पंकज कुमार को शामिल कर लिया। घटना के दिन उसकी बहन उषा देवी एवं उसका बेटा पंकज कुमार पहले से ही घर पर पहुंच गए थे। रात्रि में उन तीनों ने पूर्व निर्धारित योजना के तहत सोए अवस्था में रेल कर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी। डीएसपी ने बताया कि मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों अपराधियों को जेल भेज कर पुलिस मामले में आगे की जांच में जुटी हुई है।सूत्रों की माने तो मृतक की पत्नी की बहन और उसके पुत्र दानापुर इंटरसिटी से साहिबगंज पहुंचे थे, और घटना को अंजाम देकर अहले सुबह गया हावड़ा से निकल गए। वहीं स्टेशन परिसर में भी हथियार लेकर पहुंचा, परंतु रेल पुलिस को कानो कान खबर नहीं हुई, स्टेशन परिसर में लगी स्कैनिंग की व्यवस्था सिर्फ दिखावा है।

अब भी अनसुलझे है कई सवाल, आरोपी के मोबाइल कॉल डीटेल्स हो सकता है खुलासा:

रेलकर्मी राजकुमार चंदन हत्याकांड में पुलिस भले ही पत्नी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर मामले को सुलझा लेने का दावा कर रही है, लेकिन सच तो यह है कि इस मामले में अब भी कई सवाल अनसुलझे हैं। जिनकी गुत्थी पुलिस को आने वाले समय के साथ सुलझानी है। आरोपी पत्नी के मोबाइल के कॉल डिटेल्स से इस मामले में और भी खुलासा हो सकता है। हालांकि पुलिस ने प्रथम दृष्टिया माना है कि पति के साथ अच्छा संबंध नहीं होना ही हत्या का कारण बना है, लेकिन मामले में प्रेम प्रसंग की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। पुलिस को मृतक रेलकर्मी की आरोपी पत्नी रिंकू कुमारी का मोबाइल डिटेल्स को भी खंगालनी होगी। शायद तब इस मामले की क्राइम सीन कुछ अलग ही मिले।

हत्याकांड को अंजाम देने से पहले और घटना के बाद उसने अपने मोबाइल से सबसे पहले किसको कॉल किया?

जिसको कॉल किया वो महिला है या पुरुष ?

यदि पुरुष है तो आरोपी महिला से उसका क्या रिश्ता है?

पिछले कुछ आरोपी ने उक्त पुरुष से कितनी बार मोबाइल पर बातचीत की?

यदि आरोपी महिला उक्त पुरुष से मोबाइल के माध्यम से लगातार संपर्क में रहा हो तो मामले कुछ ना कुछ जरूर है, और गहन जांच के बाद ही मामले में कोई नया ट्विस्ट सामने आ सकेगा। वैसे चर्चा है कि आप ऐसी लड़ाई में कोई पत्नी अपनी पति की हत्या करने की जुर्रत नहीं कर सकती।

कौन सवांरेगा अबोध बच्चों की जिंदगी, पिता की हुई हत्या, आरोपी मां भेजी गई जेल:

बच्चों के लिए कहा जाता है कि यदि उसकी मां जीवित है तो खाने के लिए दुनिया के सारे व्यंजन उनकी डायनिंग टेबल कर होगी। वहीं यदि पिता जीवित हैं तो दुनिया भर के सारे खिलौने उनके हाथों में होगी। लेकिन जब खिलौना देने वाला उन हाथों को खाना खिलाने वाला हाथ ही छीन ले तो इसे घोर कलयुग नहीं तो क्या कहा जाएगा? ऐसा वाक्या रेल कर्मी हत्याकांड के बाद सामने आई है। घटना के बाद ढाई वर्ष का ऋषभ और 4 वर्ष का सौर्य अनाथ हो गया है। हत्याकांड में उसके पिता की मौत हो गई। और पिता की हत्या के आरोप में मां रिंकू देवी ने सलाखों के पीछे जा पहुंची है। ऐसे में उन दोनों छोटे छोटे अबोध बच्चों की परवरिश सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। बच्चे अब किनके सहारे आगे की जिंदगी तय करेंगे? कौन उन बच्चों का भविष्य सवांरेगा? कौन उन बच्चों के हाथों में खिलौना लाकर देगा? यह सवाल आम जुबां पर है। हालांकि बताया जाता है कि घटना को अंजाम देने से पहले मां रिंकू ने बड़े बेटे सौर्य को नानी घर भेज दिया था। शायद उनको आशंका थी कि कहीं घटना को अंजाम देते सौर्य ने देख लिया तो सारा भेद खुल जाएगा।

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