कैंसर भवन में दवा दलालों की मनमानी रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने की तैयारी की जा रही है.
रांची. कैंसर मरीजों से मनमाना पैसा वसूलने की खबररिम्स की आंतरिक कमेटी ने जांच में पाया है कि कैंसर भवन में दवा प्रतिनिधियों और दलालों की दखलंदाजी है. इसमें रिम्स के कुछ कर्मियों की संलिप्तता का अंदेशा भी जताया गया है. ऐसे में जांच कमेटी ने पूरे कैंसर भवन में सुरक्षा कर्मियों और सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया है.
जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का सुझाव
जांच कमेटी ने प्रबंधन से यह भी आग्रह किया है कि ऐसी जीवनरक्षक दवाओं की सूची तैयार की जाये, जो रिम्स की फार्मेसी में उपलब्ध नहीं हैं. इन दवाओं को जन औषधि और अमृत फार्मेसी में उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है, ताकि मरीजों को जरूरी दवाएं आसानी से मिल सकें.
दवाओं की कीमत में अंतर का फायदा उठाते हैं दलाल
जानकारों ने बताया कि दलाल दवाओं की खरीद कीमत और अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के बीच भारी अंतर का फायदा उठाते हैं. इससे उन्हें मरीजों के परिजनों से अधिक पैसे वसूलने का मौका मिलता है.
बता दें कि प्रभात खबर के 3 अक्टूबर 2026 के अंक में कैंसर की दवाओं के लिए चार गुना तक पैसा वसूलने से संबंधित खबर प्रकाशित की गयी थी. इसके बाद रिम्स प्रबंधन ने अधीक्षक डॉ. हिरेंद्र बिरुआ की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की थी. टीम में चार सदस्यों को शामिल किया गया था और एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था.
कैंसर भवन में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने की तैयारी
कैंसर मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कैंसर भवन में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए कैंसर के इलाज में उपयोग होने वाली दवाओं की सूची तैयार कर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना है.
वहीं, दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से इस सूची के आधार पर दवाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया जायेगा. इससे कैंसर मरीजों को कम कीमत पर जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है.



