रांची में सुधीर पाल की चार पुस्तकों का लोकार्पण शनिवार को होगा. पेसा और आदिवासी सवालों पर होगी विशेष चर्चा, साहित्यकारों की होगी शिरकत.
रांची. लेखक सुधीर पाल की किताबों का विमोचन समारोह शनिवार (10 अक्तूबर) को डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान के सभागार में होगा. यह आयोजन जनवादी लेखक संघ के द्वारा किया जा रहा है. इस मौके पर पुस्तक चर्चा का भी आयोजन होगा.झारखंडी मुद्दों पर सुधीर पाल की नई किताबें
सुधीर पाल जाने-माने लेखक हैं. झारखंडी मुद्दों पर उन्होंने पहले भी कई किताबें लिखी हैं. इस बार उनकी जिन किताबों का विमोचन होना है, उनमें झारखंड में पेसा (परंपरा, पंचायत और जवाबदेही), आंतरिक उपनिवेशवाद और आदिवासी प्रश्न, पांचवीं अनुसूची: परंपराओं का गणराज्य और पेसा (आदिवासियत की ग्राम संसद) शामिल हैं. ये किताबें झारखंड के लोगों के लिए बहुत अहम हैं क्योंकि ये उनके अधिकारों और अपने इलाके में शासन-प्रशासन से जुड़े ज़रूरी मुद्दों पर रौशनी डालती हैं. इन किताबों को पढ़कर लोग यह समझ सकते हैं कि पेसा, आंतरिक उपनिवेशवाद और पांचवीं अनुसूची जैसे विषय आज के झारखंड के लिए कितने मायनें रखते हैं.
कार्यक्रम की रूपरेखा: सुबह 11 बजे से होगा शुरू
कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शुरू होगा. इसमें जनवादी लेखक संघ से जुड़े लेखक, साहित्यकार और विशेषज्ञ शामिल होंगे. किताबों के विमोचन के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा भी की जाएगी.



