Bank Strike News: बैंक ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है क्योंकि तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल फिलहाल टल गई है। धनबाद के व्यवसायियों ने स्वागत किया है।
धनबाद। Bank Strike Latest Update: बैंक ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है। लाखों बैंक ग्राहकों को प्रभावित करने वाली प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल फिलहाल टल गई है। इसका धनबाद के व्यवसायियों ने स्वागत किया है।
बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के सात संगठनों के शीर्ष निकाय-यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने तीन दिवसीय हड़ताल (28 से 30 सितंबर तक) की घोषणा की थी। हड़ताल से ठीक पहले (UFBU) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने हड़ताल और विरोध-प्रदर्शन स्थगित करने का फैसला किया।
आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव न त्रिवेदी ने बताया कि रात 11:30 बजे तक चली चर्चा के बाद हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि आईबीए और यूएफबीयू के बीच बैठक के बाद हड़ताल स्थगित हुआ है।
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) ने 27 सितंबर 2026 को सर्कुलर नंबर 2026/32 जारी कर आईबीए की नेगोशिएटिंग कमिटी के साथ हुई बैठक के मिनट्स जारी किए।
23/9/2026 को प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल पर चर्चा हुई थी। फिर शनिवार शाम से देर रात 27/9/2026 को हुई बैठक में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की सराहना की गई तथा मुद्दों पर बातचीत जारी रखने का फैसला लिया गया।अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (AIBEA – All India Bank Employees’ Association) के झारखंड सचिव राजीव रंजन ने हड़ताल स्थगित करने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि ‘फाइव-डे बैंकिंग’ की हमारी मांग को सरकार मानेगी।
उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई ग्राहकों के साथ नहीं है। हमने अपनी मांगें सरकार के समक्ष रखी हैं। अगर सरकार हमारी मांगों को नहीं मानेगी तो हम फिर आंदोलन करेंगे।
पुराना बाजार और बैंक मोड़ चैंबर ने फैसले का किया समर्थन
पुराना बाजार चैंबर के अजय नारायण लाल ने हड़ताल स्थगित करने के बैंक यूनियनों के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा-पूजा का समय है। तीन तक हड़ताल होने से बाजार और कारोबार प्रभावित होता।
बैंक मोड़ चैंबर के अध्यक्ष प्रमोद गोयल ने बैंक हड़ताल स्थगित होने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे कारोबारियों को राहत मिली है।
हालांकि गोयल ने फाइव-डे बैंकिंग की मांग का विरोध किया है। कहा- देश में पहले से ही काफी छुट्टियां हैं। ऐसे में बैंकों में पांच दिन काम होने से ग्राहकों को परेशानी और कारोबार पर भी असर पड़ेगा।



